विमुक्त घुमन्तु समुदाय हेतु सहायता शिविरों की अवधि बढ़ी, 15 फरवरी तक आयोजित होंगे शिविर
खैरथल (हीरालाल भूरानी) जिले में विमुक्त घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु समुदाय के व्यक्तियों को राज्य एवं केन्द्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित सहायता शिविरों की अवधि में 15 दिवस की वृद्धि की गई है। अब ये शिविर जिले की समस्त पंचायत समितियों एवं नगर परिषद/नगरपालिका क्षेत्रों में 15 फरवरी 2026 तक आयोजित किए जाएंगे।
जिला परिवीक्षा एवं समाज कल्याण अधिकारी रमेश दहमीवाल ने बताया कि निदेशालय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, राजस्थान, जयपुर के निर्देशों की अनुपालना में घुमन्तु समुदाय के व्यक्तियों को ऑनलाइन घुमन्तु पहचान प्रमाण-पत्र जारी कर उन्हें विभिन्न योजनाओं से जोड़ा जाना है। राज्य स्तर पर की गई समीक्षा में यह पाया गया कि जिले में पहचान पत्र एवं आवश्यक दस्तावेज जारी करने की प्रगति अपेक्षाकृत धीमी रही, जिसके चलते शिविरों की अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
इन सहायता शिविरों के माध्यम से घुमन्तु समुदाय के पात्र व्यक्तियों के मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड, जाति प्रमाण-पत्र, मूल निवास प्रमाण-पत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज बनवाने हेतु आवेदन करवाए जाएंगे, ताकि वे राज्य एवं केन्द्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।
ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर पंचायत समिति स्तर पर आयोजित किए जाएंगे। किशनगढ़बास में 3 फरवरी, मुण्डावर में 4 फरवरी, कोटकासिम में 5 फरवरी तथा तिजारा में 6 फरवरी 2026 को संबंधित पंचायत समिति सभागारों में प्रातः 10 बजे से शिविर आयोजित होंगे।
नगर परिषद एवं नगरपालिकाओं के स्तर पर खैरथल में 9 फरवरी, किशनगढ़बास व मुण्डावर में 10 फरवरी, तिजारा में 11 फरवरी, भिवाड़ी में 12 फरवरी तथा टपूकड़ा में 13 फरवरी 2026 को नगर परिषद/नगर पालिका कार्यालय में प्रातः 10 बजे से सहायता शिविर आयोजित किए जाएंगे।
संबंधित उपखण्ड अधिकारी/शिविर प्रभारी, विकास अधिकारी तथा नगर निकायों के आयुक्त/अधिशासी अधिकारी शिविर प्रभारी रहेंगे। शिविरों की प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में जिला परिवीक्षा एवं समाज कल्याण अधिकारी को भेजी जाएगी तथा शिविर समाप्ति के पश्चात सैचुरेशन प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जिले में लंबित 1570 दिव्यांग पेंशनधारियों के वार्षिक भौतिक सत्यापन हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है। फील्ड कार्मिकों द्वारा पेंशनर्स के निवास पर जाकर सत्यापन किया जा रहा है। जिन मामलों में फिंगरप्रिंट अथवा फेस रिकग्निशन संभव नहीं है, वहां आधार पंजीकृत मोबाइल पर ओटीपी के माध्यम से 28 फरवरी 2026 तक सत्यापन पूर्ण कराया जाएगा।
जिला प्रशासन ने विमुक्त घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु समुदाय के पात्र व्यक्तियों एवं दिव्यांग पेंशनर्स से अपील की है कि वे निर्धारित तिथियों में आयोजित शिविरों एवं सत्यापन अभियानों में आवश्यक दस्तावेजों के साथ सहभागिता करें, ताकि वे जनकल्याणकारी योजनाओं एवं पेंशन लाभ से वंचित न रहें।