यूजीसी प्रमोशन एक्ट 2026 के विरोध में परशुराम सेना ने सौंपा विरोध ज्ञापन
जिला मुख्यालय पर राष्ट्रपति के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर को ज्ञापन अधिसूचना वापस लेने की उठाई मांग
खैरथल (हीरालाल भूरानी) यूजीसी प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूट्स रेगुलेशन 2026 के विरोध में शुक्रवार को परशुराम सेना ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर माननीय राष्ट्रपति के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने अधिसूचना को संविधान की भावना के विपरीत बताते हुए इसे तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की।
परशुराम सेना के जिला अध्यक्ष संदीप मिश्रा के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यह अधिसूचना संविधान द्वारा प्रदत्त समानता के मूल अधिकारों- अनुच्छेद 14, 15 एवं 21-की भावना के अनुरूप नहीं है। उनका कहना था कि संविधान सभी नागरिकों को समान अवसर एवं समानता का अधिकार देता है, जबकि यह एक्ट सामाजिक एकता, अखंडता और समरसता के लिए घातक सिद्ध हो सकता है।
संगठन के सदस्यों ने आशंका जताई कि इस अधिनियम के प्रभाव से कॉलेजों और विश्वविद्यालयों का शैक्षणिक वातावरण प्रभावित होगा। इससे विद्यार्थियों में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है तथा अध्ययन कार्य बाधित हो सकता है। साथ ही आपसी वैमनस्यता की भावना बढ़ने की भी संभावना है।
परशुराम सेना ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक अधिसूचना वापस नहीं ली जाती, तब तक संगठन लोकतांत्रिक, संवैधानिक एवं विधिक तरीकों से विरोध जारी रखेगा।
इस दौरान बीएन अवस्थी, त्रिलोक शर्मा, नरेंद्र वशिष्ठ, बाबूलाल संगम, राकेश शर्मा, रविंद्र शर्मा, सांवलराम शर्मा, अमित शर्मा, गौरव कौशिक, मनीष मिश्रा, जेपी जोशी, मनीष शर्मा, रविदेव शर्मा, जितेंद्र शर्मा, विकास तिवाड़ी, चांदमल शर्मा, पवन शर्मा, विजय शर्मा, राजेंद्र शर्मा, सूरज शर्मा सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे।