योजना में बदलाव किया गया, तो कांग्रेस पार्टी गांव-गांव, सड़क-सड़क और संसद से सड़क तक करेगी जन आंदोलन-प्रमोद भाया
मनरेगा योजना बचाने को लेकर कांग्रेस ने दिया कलेक्ट्रेट पर धरना; मनरेगा महिला मजदूर ने योजना के फायदों को गिनाया
अंता (शफीक मंसूरी) बारां केन्द्र की भाजपा सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना (मनरेगा) को समाप्त किए जाने की साजिश , योजना का नाम बदलने एवं मजदूर विरोधी बदलावों के खिलाफ जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा जिला कलक्टर कार्यालय के बाहर धरना दिया जाकर जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।
कांग्रेस के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष हंसराज मीणा के नेतृत्व में कांग्रेसजनों द्वारा जिला कलक्टर कार्यालय पर धरना दिया गया जिसमें राज्य के पूर्व केबिनेट मंत्री एवं अन्ता विधायक प्रमोद जैन भाया, पूर्व जिलाध्यक्ष रामचरण मीणा, जिला प्रमुख श्रीमती उर्मिला जैन भाया, पूर्व विधायक पानाचन्द मेघवाल, करणसिंह राठौड, श्रीमती निर्मला सहरिया सहित बडी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, कांग्रेस कार्यकर्ता तथा मनरेगा मजदूर उपस्थित रहे।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष हंसराज मीणा ने बताया कि आज कांग्रेसजनों तथा मनरेगा मजदूरों द्वारा केन्द्र की भाजपा सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को समाप्त करने की साजिश, योजना का नाम बदलने एवं मजदूर विरोधी बदलावों के खिलाफ धरना दिया जाकर जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।
अन्ता विधायक प्रमोद जैन भाया ने धरने को सम्बोधित करते हुए कहा कि केन्द्र की भाजपा सरकार द्वारा मनरेगा योजना पर किए जा रहे लगातार हमलों के खिलाफ कांग्रेस पार्टी अपना कड़ा विरोध दर्ज करा रही है। मनरेगा योजना कांग्रेस सरकार की ऐतिहासिक देन है, जिसने करोड़ों गरीब ग्रामीण परिवारों को काम का अधिकार दिया। यह योजना बेरोजगारी के खिलाफ सबसे मजबूत सामाजिक सुरक्षा कवच रही है, जिसके कारण गांवों से शहरों की ओर पलायन रूखा, लेकिन आज केन्द्र की भाजपा सरकार जान-बूझकर इस योजना को कमजोर करने, बदनाम करने और अंततः समाप्त करने की दिशा में काम कर रही है। भाया ने कहा कि यदि केन्द्र सरकार द्वारा कांग्रेस शासन के दौरान मजदूरों हितों को लेकर लागू की गई मनरेगा योजना में बदलाव किया गया, तो कांग्रेस पार्टी गांव-गांव, सड़क-सड़क और संसद से सड़क तक जन आंदोलन करेगी। पूर्व विधायक पानाचन्द मेघवाल ने अपने सम्बोधन में कहा कि सबसे गंभीर और निंदनीय बात यह है कि भाजपा सरकार ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम से चल रही इस योजना का नाम बदलने का प्रयास किया है। यह न केवल मनरेगा पर हमला है, बल्कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों और उनकी विरासत पर सीधा प्रहार है। भाजपा की यह मानसिकता गरीब, मजदूर और गांधी तीनों के खिलाफ है।
जिला प्रमुख श्रीमती उर्मिला जैन भाया ने अपने सम्बोधन में कहा कि आज मनरेगा योजना के हालात यह है कि मनरेगा का बजट लगातार घटाया जा रहा है। मजदूरों को समय पर मजदूरी नहीं मिल रही तथा तकनीकी बहानों से गरीबों, मजदूरों, महिलाओं को उनके रोजगार के अधिकार से वंचित किया जा रहा है। उन्होनें कहा कि यह सब एक सुनियोजित साजिश है ताकि ग्रामीण गरीब मजबूर होकर पलायन करें और भाजपा सरकार अपने कॉरपोरेट मित्रों को फायदा पहुंचा सके।
धरने को मनरेगा महिला मजदूर ने सम्बोधित करते हुए कहा कि मनरेगा हमारे जैसे गरीब परिवारों के लिए सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि सम्मान के साथ रोजगार पाने का अधिकार है। पहले हमें काम के लिए शहरों की ओर पलायन करना पड़ता था। बच्चों की पढ़ाई छूट जाती थी और परिवार बिखर जाता था। लेकिन मनरेगा ने हमें अपने गाँव में ही काम दिया। इस योजना से हमें साल में कम से कम सौ दिन का रोजगार मिलता है। खेतों में मेड़बंदी, तालाब खुदाई, सड़क और जल संरक्षण जैसे कामों से न सिर्फ हमें मजदूरी मिलती है, बल्कि हमारे गाँव का विकास भी होता है। सबसे बड़ी बात यह है कि महिलाओं को बराबरी का मौका मिला है। हमें पुरुषों के बराबर मजदूरी मिलती है और कई जगहों पर महिलाएँ मेट बनकर काम का नेतृत्व भी कर रही हैं।कांग्रेसजनों द्वारा धरने उपरान्त जिला कलक्टर बारां को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की गई कि यदि केन्द्र सरकार द्वारा कांग्रेस शासन के दौरान मजदूरों हितों को लेकर लागू की गई मनरेगा योजना में बदलाव किया गया, तो कांग्रेस पार्टी गांव-गांव, सड़क-सड़क और संसद से सड़क तक जन आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी भाजपा सरकार की होगी।
धरने में यह रहे उपस्थित:- धरने के दौरान पीसीसी सचिव धर्मराज मेहरा, ब्लाॅक अध्यक्ष मूलचन्द शर्मा, कांग्रेस अल्पसंख्यक जिला अध्यक्ष अली हुसैन (टिपू) अजीज नाजा, रामस्वरूप बैरवा, धर्मेन्द्र यादव, ओम सुमन मिर्जापुर, सेवादल के प्रदेष सचिव अशरफ देशवाली, सेवादल जिलाध्यक्ष शिवशंकर यादव, महिला जिलाध्यक्ष बृजेष वर्मा, एससी प्रकोष्ठ के संभाग अध्यक्ष सत्यनारायण भूमल्या, नगर अध्यक्ष बारां प्रषान्त भारद्वाज, छबडा हरिश माहेष्वरी, एससी प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष शिमला बैरवा, घूमन्तू प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश भाण्ड, डीसीसी महासचिव प्रमोद जैन टीटू, हेमलता सोन, जाकिर मंसूरी, मण्डल अध्यक्ष नवीन सोन, रिंकेष मीणा, इरफान अंसारी, राजेन्द्र वैष्णव, पूर्व चेयरमेन कौशल सुमन, महिला अध्यक्ष नगर कांग्रेस मांगरोल रानी यादव, सेवादल की संध्या जाडेजा, पोखरीलाल मेहरा, पूर्व प्रधान निधि चंदेल, पूर्व पार्षद कमलाबाई, मीराबाई, प्रदीप काबरा, गजेन्द्र सुमन, पूर्व ब्लाॅक अध्यक्ष प्रदीप मेहता, बंटी मेवाती, बंशीलाल, भीमशंकर रेगर, हेमराज बैरवा, धनराज रेगर, बनवारीलाल बैरवा, राधेष्याम, जोधराज, रामावतार, बृजमोहन सुमन, रामस्वरूप मीणा, चैथमल, सीताराम, राजीव, केशव, दीपक मीणा, सत्यनारायण, काजल, रेखा, चेतन मीणा, मोजीराम गुर्जर, श्योजी मीणा, बुद्विप्रकाश, छोटूलाल, मोतीलाल, कालूलाल, बिट्टू सुमन, महावीर बैरवा, मुकेश मीणा, चैथमल गोचर, जगदीश बृजनगर, शाहिद हुसैन अंसारी, रोहित गुर्जर, सुरेन्द्र मीणा, दिलीप मीणा, भूपेन्द्र मीणा, रूकमकेश बैरवा, पृथ्वीराज बैरवा, हुसैन मोहम्मद, पार्षद योगेन्द्र मेहता, ललित गुर्जर, पीयूष सोनी, राजाराम मीणा, विष्णु शाक्यवाल, लोकेश मीणा, त्रिलोक नागर, धर्मेन्द्र नागर, यशवंत यादव, हरिश मेघवाल, लीलाधर नागर, राजेन्द्र कष्यप समेत बडी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे।