रैफल्स विश्वविद्यालय, नीमराना में ऑल इंडिया करियर ग्रोथ समिट 2025–26 का आयोजन
मुंडावर (देवराज मीणा) स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, रैफल्स विश्वविद्यालय, नीमराना द्वारा एप्टस टेक्नोलॉजीज़ के सहयोग से ऑनलाइन माध्यम में ऑल इंडिया करियर ग्रोथ समिट 2025–26 का सफल आयोजन किया गया। इस समिट का उद्देश्य छात्रों एवं संकाय सदस्यों को इंडस्ट्री 5.0 के उभरते हुए चुनौतियों एवं अवसरों तथा वर्ष 2030 तक के वैश्विक करियर संभावनाओं के लिए तैयार करना था।
इस सत्र में प्रतिभागियों को तेजी से विकसित हो रहे एआई-आधारित जॉब मार्केट तथा प्रतिस्पर्धी वैश्विक वातावरण में सफलता प्राप्त करने हेतु आवश्यक कौशलों की जानकारी प्रदान की गई। साथ ही, शैक्षणिक अध्ययन को उद्योग की अपेक्षाओं एवं भविष्य के करियर रुझानों के अनुरूप ढालने के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन भी दिया गया।
कार्यक्रम का मुख्य वक्तव्य डॉ. राजेंद्र सिंह, डीन, स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने भविष्य के करियर मार्ग, उभरती प्रौद्योगिकियों तथा पेशेवर विकास की रणनीतियों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने डिजिटल परिवर्तन के इस दौर में निरंतर सीखने, अनुकूलनशीलता और नवाचार के महत्व पर विशेष बल दिया।
समिट में 2030 करियर रोडमैप जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया, जिसमें भविष्य के जॉब मार्केट में उच्च मांग वाले पदों पर प्रकाश डाला गया। इसके साथ ही डिजिटल साक्षरता, समस्या समाधान क्षमता एवं कॉर्पोरेट इमोशनल इंटेलिजेंस जैसे आवश्यक कौशलों पर भी चर्चा की गई। प्रतिभागियों को मल्टीनेशनल कंपनियों एवं वैश्विक भर्तीकर्ताओं के लिए अपने अवसरों को बढ़ाने हेतु प्रभावी रिज्यूमे निर्माण तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। सभी प्रतिभागियों को निःशुल्क ISO प्रमाणित सहभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
इस कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. सुषमा रानी जबकि सह-समन्वयक के रूप में पूजा शर्मा एवं निहारिका सेंगर, सहायक प्राध्यापक, SOET ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। तकनीकी एवं सॉफ्टवेयर सहयोग हेमंत कुमार द्वारा सफलतापूर्वक प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के सभी संकाय सदस्य उपस्थित रहे और उन्होंने सक्रिय रूप से चर्चा में भाग लिया, जिससे यह समिट अत्यंत संवादात्मक एवं ज्ञानवर्धक रहा।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें विश्वविद्यालय द्वारा उद्योग-उन्मुख शिक्षा को बढ़ावा देने तथा विद्यार्थियों को भविष्य की वैश्विक चुनौतियों के लिए तैयार करने की अपनी प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया गया।