कागजों में ODF, हकीकत में खुले में शौच:खैरथल में स्वच्छता के दावों की खुली पोल, कलेक्टर आवास के पीछे गंदगी का साम्राज्य
खैरथल: वीआईपी आवास के पीछे गंदगी का अंबार, स्वच्छता मिशन के दावों की निकली हवा
खैरथल (हीरालाल भूरानी)। जिला मुख्यालय खैरथल में स्वच्छता अभियान के बड़े-बड़े दावे 'चिराग तले अंधेरा' वाली कहावत को चरितार्थ कर रहे हैं। जिला कलेक्टर के सरकारी आवास के ठीक पीछे भरा गंदा पानी और कचरे के ढेर जिला प्रशासन और नगर परिषद की कार्यशैली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर रहे हैं।
कलेक्टर निवास के पास बीमारियों का बसेरा हैरानी की बात यह है कि जहाँ एक ओर नगर परिषद की गाड़ियाँ घर-घर जाकर स्वच्छता का संदेश देती हैं, वहीं कलेक्टर आवास के पीछे स्थित जोहड़ गंदे पानी से लबालब भरा है। यहाँ से उठने वाली तेज दुर्गंध ने आसपास रहने वाले लोगों का जीना मुहाल कर रखा है। कचरे के ढेरों के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे क्षेत्र में गंभीर बीमारियों के फैलने का खतरा मंडरा रहा है।
दिखावे की सफाई और ओडीएफ के झूठे दावे स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर परिषद के कर्मचारी केवल कलेक्टर निवास के सामने वाले हिस्से में ही सफाई करते हैं, जबकि पीछे की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जाता। सरकारी रिकॉर्ड में पूरा शहरी क्षेत्र 'खुले में शौच मुक्त' (ODF) बताया गया है, लेकिन हकीकत यह है कि इसी जोहड़ के आसपास सुबह-शाम लोग खुले में शौच करते नजर आते हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह जोहड़ नगर परिषद कार्यालय से महज चंद कदम की दूरी पर है।
वक्फ संपत्ति का दिया जा रहा हवाला इस मामले में नगर परिषद आयुक्त मुकेश शर्मा का कहना है कि जिस स्थान पर गंदा पानी भरा है, वह वक्फ संपत्ति है। उन्होंने बताया कि वक्फ बोर्ड की सहमति लेकर जल्द ही जोहड़ की सफाई करवाई जाएगी और क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी। साथ ही खुले में शौच करने वालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन भी दिया है।
अब सवाल यह है कि जिला मुख्यालय बनने के इतने समय बाद भी क्या प्रशासन को सफाई के लिए किसी अनापत्ति का इंतज़ार है या फिर यह केवल जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने का एक बहाना है?


