बाजार में खरीदारी करें या टॉयलेट ढूंढें? खैरथल के मुख्य रास्तों पर एक भी महिला शौचालय नहीं, व्यापारियों ने जताई चिंता
खैरथल: विकास के दावों के बीच बुनियादी सुविधा को तरस रही महिलाएं, बाजारों में शौचालय का अभाव
खैरथल (हीरालाल भूरानी)। खैरथल कस्बे के मुख्य बाजारों में महिलाओं के लिए बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव प्रशासन के 'स्वच्छ भारत' के दावों की पोल खोल रहा है। कस्बे के प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों में एक भी महिला शौचालय (टॉयलेट) नहीं होने के कारण बाजार आने वाली महिलाओं को रोजाना भारी परेशानियों और शर्मिंदगी का सामना करना पड़ रहा है।
इन प्रमुख मार्गों पर एक भी सुविधा घर नहीं स्थानीय दुकानदारों और व्यापारियों के अनुसार, रेलवे फाटक से लेकर मातौर रोड, किशनगढ़ रोड और सब्जी मंडी जैसे व्यस्ततम इलाकों में कहीं भी महिलाओं के लिए टॉयलेट की व्यवस्था नहीं है। हालत यह है कि सुविधाओं के अभाव में अब महिलाओं ने बाजार आने से कतराना शुरू कर दिया है, जिसका असर स्थानीय व्यापार पर भी पड़ रहा है।
धूल फांक रहे 'चलित शौचालय' आश्चर्य की बात यह है कि नगर परिषद के पास 'चलित शौचालय' (Mobile Toilet) की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन प्रशासन की उदासीनता के चलते इसे अब तक किसी उपयुक्त स्थान पर स्थापित नहीं किया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन के पास समाधान मौजूद है, लेकिन उसे धरातल पर उतारने की इच्छाशक्ति की कमी है।
पिंक टॉयलेट की उठी पुरजोर मांग वैश्य महिला मंडल की अध्यक्ष ज्योति गुप्ता ने इस समस्या को लेकर जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर समाधान की मांग की है। उन्होंने पत्र में उल्लेख किया है कि पुरानी अनाज मंडी क्षेत्र में 'पिंक टॉयलेट' का निर्माण अत्यंत आवश्यक है। इस क्षेत्र में चार बड़े मंदिर और पार्क स्थित हैं, जहाँ प्रतिदिन दूर-दराज से सैकड़ों महिलाएं दर्शन और भ्रमण हेतु आती हैं। टॉयलेट न होने से उन्हें असहज महसूस करना पड़ता है।
स्थानीय सामाजिक संगठनों और महिलाओं ने नगर परिषद प्रशासन से मांग की है कि महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए जल्द से जल्द पिंक टॉयलेट या चलित शौचालयों की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।