महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज में साइबर सुरक्षा कार्यशाला आयोजित
भरतपुर, (कौशलेंद्र दत्तात्रेय) राजकीय महिला पॉलिटेक्निक महाविद्यालय में राजस्थान सेंटर ऑफ एडवांस टेक्नोलॉजी द्वारा शनिवार को एक दिवसीय साइबर सुरक्षा कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमे विद्यार्थियों को साइबर खतरों, डिजिटल सुरक्षा के महत्व तथा सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के प्रति जागरुक कर उन्हें व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया गया।
आरसीएटी के संभागीय समन्वयक सत्यपाल सिंह ने उपस्थित छात्राओं को आरसीएटी द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों एवं पहलुओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि आरसीएटी का उद्देश्य युवाओं को साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग एवं एथिकल हैकिंग जैसी नवीनतम तकनीकों में उद्योगोन्मुख प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें रोजगार के लिए सक्षम बनाना है।
कार्यशाला के तकनीकी सत्र को प्रशिक्षक अनिल जांगिड़ द्वारा संचालित करते हुए कहा कि साइबर सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं जैसे साइबर हमले, फिशिंग, मजबूत पासवर्ड की आवश्यकता, सोशल इंजीनियरिंग तथा सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने लाइव डेमो एवं व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से छात्राओं को साइबर हमलों की सामान्य तकनीकों एवं उनसे बचाव के उपायों से अवगत कराया। कार्यक्रम के अंत में, संवाद एवं फीडबैक सत्र आयोजित किया गया। जिसमें छात्राओं एवं शिक्षकों ने कार्यशाला को अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताया।
राजकीय महिला पॉलिटेक्निक महाविद्यालय के कार्यवाहक प्रधानाचार्य डॉ. जीतेन्द्र बैरवा ने आरसीएटी के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम छात्राओं के तकनीकी कौशल एवं जागरूकता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
वर्कशॉप कोर्डिनेटर उपेन्द्र चौधरी (इलेक्ट्रोनिक्स) एवं प्रांजल बंसल (कॅम्प्यूटर साईंस एण्ड इंजी.) ने बताया कि छात्राओं को शैक्षणिक पाठ्यक्रम के अलावा वर्तमान एवं नवीन तकनीकी कौशल के बारे में इस प्रकार की कार्यशालाओं द्वारा तकनीकी एवं डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए महाविद्यालय निरंतर प्रयासरत है।
कार्यशाला में बड़ी संख्या में छात्राओं एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया जिससे उनके बीच साइबर सुरक्षा के प्रति बढ़ती रुचि स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई।