लोकसंस्कृति और सामाजिक समरसता ही राष्ट्र की मूल शक्ति है — बेढ़म
बृजनगर में भगवान श्री देवनारायण जी की निकाली भव्य शोभा यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, मातृशक्ति की रही अनुपम भागीदारी
डीग (नीरज जैन) यह विराट और अनुशासित जनसमूह, भक्ति से ओतप्रोत वातावरण, सजीव झांकियों की मनोहारी प्रस्तुति और चारों दिशाओं में गूंजते भगवान श्री देवनारायण जी के मंगल भजन हमारी समृद्ध लोकसंस्कृति, अटूट आस्था और सामाजिक एकता के जीवंत प्रमाण हैं। लोकसंस्कृति और सामाजिक समरसता ही राष्ट्र की मूल शक्ति है, और ऐसे आयोजन उस शक्ति को सुदृढ़ करने का माध्यम बनते हैं।
यह बात गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने रविवार को बृजनगर में आयोजित भगवान श्री देवनारायण जी की विशाल एवं भव्य शोभा यात्रा में उपस्थित जन समुदाय को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कही।
बेढम ने कहा कि भगवान श्री देवनारायण जी का लोक-कल्याणकारी जीवन दर्शन आज भी समाज को दिशा प्रदान करता है। उन्होंने विशेष रूप से गौ-संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और प्राणिमात्र के प्रति दया के संदेश को वर्तमान समय में अत्यंत प्रासंगिक बताते हुए कहा कि राज्य सरकार भी इन मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सतत प्रयासरत है।
उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन केवल आस्था के प्रतीक नहीं होते, बल्कि वे समाज में समरसता, पारस्परिक भाईचारे और सांस्कृतिक गौरव को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं। शोभा यात्रा के माध्यम से क्षेत्रवासियों ने जिस अनुशासन, सहयोग और सौहार्द का परिचय दिया है, वह प्रदेश की संस्कारवान और प्रगतिशील छवि को सशक्त करता है।
इस अवसर पर शोभा यात्रा में बड़ी संख्या में शामिल लोगों और हजारों की संख्या में मातृशक्ति ने पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर मंगल कलश धारण कर शोभा यात्रा को दिव्यता और गरिमा प्रदान की। कलश यात्रा का विहंगम दृश्य आस्था, संस्कृति और नारी शक्ति के सामर्थ्य का अनुपम संगम प्रतीत हो रहा था।
शोभा यात्रा में भगवान श्री देवनारायण जी की सजीव एवं आकर्षक झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। भक्ति गीतों और मंगल ध्वनियों से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा। पूरे कस्बे में लोगों ने बड़े उत्साह से जगह जगह पुष्प बरसाकर शोभा यात्रा का स्वागत किया।