विराट हिन्दू सम्मेलन 2026 रारह; युवाओं को धर्म, संस्कृति और राष्ट्रहित में सक्रिय भूमिका निभाने का दिया संदेश
हलैना (विष्णु मित्तल) मिनी सचिवालय, रारह में “धर्मो रक्षति रक्षितः” एवं “सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः” के पावन संदेश के साथ विराट हिन्दू सम्मेलन 2026 का भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन संपन्न हुआ। हिन्दू जागरण, सनातन संस्कृति के संरक्षण, सामाजिक समरसता तथा राष्ट्रचेतना के सशक्तीकरण के उद्देश्य से आयोजित इस सम्मेलन में क्षेत्र भर से हजारों श्रद्धालु, मातृशक्ति एवं युवा वर्ग उत्साहपूर्वक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ ऐतिहासिक एवं भव्य कलश यात्रा से हुआ। सैकड़ों मातृशक्ति पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर शोभायात्रा में शामिल हुईं। पूरे नगर में धार्मिक ध्वज, जयघोष और भक्ति गीतों के साथ वातावरण पूर्णतः धर्ममय एवं भक्तिमय हो उठा। कलश यात्रा ने समाज की एकता, श्रद्धा और सांस्कृतिक गौरव का प्रभावी संदेश दिया।
सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में प्रांत संघ चालक महेंद्र सिंह मग्गो उपस्थित रहे। अपने प्रभावी एवं प्रेरणादायी उद्बोधन में उन्होंने संगठित समाज की शक्ति, सांस्कृतिक चेतना की आवश्यकता तथा राष्ट्रनिर्माण में प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जब समाज संगठित और संस्कारित होता है, तब राष्ट्र सशक्त एवं समृद्ध बनता है।
सम्मेलन की अध्यक्षता आदरणीय उदय सिंह कैप्टन (सातरूक) द्वारा की गई। अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में उन्होंने क्षेत्र की सामाजिक एकता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। पूजनीय संत महाराज कल्याण दास एवं महाराज प्रेमदास ने अपने ओजस्वी एवं मार्गदर्शक प्रवचनों में धर्मपालन, संस्कार संरक्षण, गौ-सेवा, मातृ-पितृ सम्मान तथा समाज में नैतिक मूल्यों की स्थापना पर विशेष बल दिया। उनके उद्बोधन से उपस्थित जनसमूह भावविभोर एवं प्रेरित हुआ।
राष्ट्र सेविका समिति की विभाग कार्यकारिणी सदस्य श्रीमती कुसुम सिंह रारह ने अपने सारगर्भित उद्बोधन में परिवार व्यवस्था, कुटुंब प्रबोधन एवं महिला सशक्तिकरण जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सुदृढ़ परिवार ही सशक्त समाज और समर्थ राष्ट्र की आधारशिला है। मातृशक्ति के जागरण, संस्कारयुक्त पीढ़ी निर्माण एवं सामाजिक समरसता की आवश्यकता पर उन्होंने विशेष जोर दिया।
आचार्या कुमारी बृजेश ने भी अपने विचार रखते हुए युवाओं को धर्म, संस्कृति और राष्ट्रहित में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया। कलश यात्रा के पश्चात सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ, वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत हवन एवं बौद्धिक सत्र का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने पूर्ण श्रद्धा एवं अनुशासन के साथ सहभागिता की। कार्यक्रम के अंत में प्रसादी वितरण के साथ सम्मेलन का समापन हुआ।
इस ऐतिहासिक आयोजन में हज़ारों मातृशक्ति, बहनों, युवाओं एवं ग्रामवासियों ने भाग लेकर कार्यक्रम को सफल, प्रेरणादायी एवं अविस्मरणीय बना दिया। पूरे क्षेत्र में इस सम्मेलन को लेकर विशेष उत्साह एवं सकारात्मक वातावरण देखा गया। आयोजन समिति “सर्व हिन्दू समाज, मंडल रारह” ने सभी अतिथियों, संत-महात्माओं, सहयोगी कार्यकर्ताओं एवं सहभागी श्रद्धालुओं का हृदय से आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी इसी प्रकार सामाजिक समरसता एवं सांस्कृतिक जागरण के कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया।