सुसंस्कार आज की महती जरूरत - गोपाल स्वामी
गुरला (बद्रीलाल माली) गाडरमाला में गायत्री परिवार द्वारा आयोजित तीन दिवसीय आयोजन के दुसरे दिन प्रज्ञा पुराण कथा में कथावाचक शान्तिकुंज के गोपाल स्वामी ने वर्तमान परिस्थितियों पर चर्चा करते हुए कहा कि आध्यात्मि एक अनुभुती है जो वर्तमान में समाज में आ रही विषमताओं के कारण विचारों का पतन है। राम आचार्य हमेशा कहते थे कि समाज तभी बदलता है जब विचारों में परिवर्तन होता है। शुरुआत स्वयं से करनी होती है,आज समाज में सुसंस्कार जरूरी है लेकिन शिक्षा भौतिक सुख सुविधाओ के अनुसार दी जा रही है। हमें हमारे वेदों एवं पुराणों में समाज सुधार के कई गुण रहस्य संस्कृति उत्थान के उपाय बताए लेकिन स्वार्थ लोलुपता से हमें बचकर स्वयं के जीवन कल्याण के लिए ईमानदारी जिम्मेदारी एवं धर्म के अनुसार आचरण करना चाहिए। मनुष्य को अपने कर्म के परिणाम स्वयं को भुगतना पड़ता है। इससे पहले 9 कुण्डीय के स्थान पर 15 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में आमजन श्रद्धालुओं ने विश्व कल्याण एवं मानव उत्थान के लिए आहुति दी। तथा 79 श्रद्धालुओं ने गायत्री परिवार की दीक्षा ग्रहण की और सायं दीप यज्ञोपवीत आरती की।