बैंड बाजे के साथ निकाली ढोला मारू की सवारी के साथ विभिन्न प्रकार के स्वांग
राजगढ़ (अलवर) अनिल गुप्ता
राजा महाराजाओं के समय से निकलती आ रही ढोला मारू की सवारी होली पर्व पर राजगढ़ कस्बे में बैण्ड बाजों,घोड़ियों के साथ गुलाल उडाते मस्तानों की टोलियों के साथ निकाली गई। विगत अनेक सालों से चली आ रही परम्परा का निर्वहन एक बार फिर से राजगढ़ में शान से निर्वहन हुआ। कहा जाता है कि रियासत काल से होली की संध्या पर ढोला मारू व विभिन्न प्रकार के स्वांग का जुलूस एक बार फिर से राजगढ़ कस्बे में आकर्षण का केन्द्र रहा।
ढोला मारू सवारी देखने के लिए कस्बे की सडकों व छतो पर दर्शक महिला-पुरूष व बच्चों की भीड उमड पडी। ढोला मारू की सवारी कस्बे के बारलाबास से शुरू होकर गोविन्द जी देव बाजार, चौपड बाजार, गोल सर्किल होते हुऐ वापस बारलाबास पहुंची। राजगढ में ढोला मारू की सवारी के नाम से चल रहा होली व धुलण्डी के अवसर पर निकाले जाने वाला जुलुस में एक बग्गी पर सवार ढोला मारू की बारात में होली के रंग में रंगे नौजवान नाचते गाते हुए चल रहे थे। भाईचारा के रूप में निकाली गई ढोला मारू की बारात का जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया।