सेवानिवृत्ति पर विद्यालय विकास के लिए की तिरानबे हजार रुपए की घोषणा
गुंदली: (भीलवाडा/ बृजेश शर्मा) मेवाड़ की शाश्वत परंपरा रही है और यहाँ विद्यालय के विकास में भामाशाहों का विशेष योगदान रहा है ।गुंदली विद्यालय के प्रधानाचार्य नेमीचंद खारीवाल ने बताया कि राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय बांसडा के प्रधानाध्यापक रामचंद्र रैगर ने पीईईओ प्रतिनिधि कमल कुमार नाहर और महेश मंडोवरा की प्रेरणा से अपनी सेवानिवृत्ति पर विद्यालय विकास हेतु पीईईओ गुंदली स्कूल के लिए इक्यावन हजार रुपए, बांसडा स्कूल के लिए इक्कीस हजार रुपए,और सालमपुरा स्कूल के लिए इक्कीस हजार रुपए समेत कुल तिरानबे हजार रुपए की घोषणा कर के एक नई मिसाल कायम की है।
ग्राम पांसल निवासी रामचंद्र रेगर ने बताया कि मेरा पूरा जीवन शिक्षा विभाग के नाम रहा है शिक्षा विभाग की अड़तीस वर्षों की सेवा के आगे मेरा ये दान कुछ भी नहीं है,विद्यालयों का चहुंमुखी विकास भामाशाहों के प्रयासों से ही संभव है।भामाशाह रेगर ने विशेषकर शिक्षा विभाग से सेवानिवृत होने वाले कार्मिकों के लिए एक मिसाल प्रस्तुत की है । इस अवसर पर पीईईओ गुंदली की ओर से लादूराम दाधीच,मुरलीधर अहीर,सत्यनारायण खटीक,संजीव मेहता,सुशीला बघेरवाल,रामेश्वर धोबी समेत सभी स्टाफजनों ने रेगर को सफल सेवानिवृत्ति एवं उत्तम स्वास्थ्य के लिए शुभकामनाएं दी ।