महुवा के आदर्श विद्या मंदिर में 'प्रमुख जन गोष्ठी' का आयोजन; प्रबुद्ध जनों ने लिया भाग, राष्ट्र को परम वैभव पर ले जाने के लिए डॉ. हेडगेवार ने बोया था संघ का बीज: कैलाश
महुवा (अवधेश अवस्थी) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की ओर से स्थानीय आदर्श विद्या मंदिर में 'प्रमुख जन गोष्ठी' का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में संघ के कैलाश ने उपस्थित प्रबुद्ध जनों को संघ की स्थापना के उद्देश्यों और राष्ट्र निर्माण में इसकी भूमिका पर विस्तार से संबोधित किया।
- संगठन भाव से ही संभव है राष्ट्र का उत्थान
अपने उद्बोधन में कैलाश ने कहा कि डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार एक जन्मजात देशभक्त और कुशल संगठनकर्ता थे। उन्होंने गहराई से अनुभव किया कि अपार शक्ति और ज्ञान होने के बावजूद हमारा देश केवल इसलिए परतंत्र रहा क्योंकि हमारा समाज बिखरा हुआ था। उन्होंने बताया - "डॉ. हेडगेवार का मानना था कि राजनीतिक स्वतंत्रता के साथ-साथ समाज का अनुशासित और संगठित होना अनिवार्य है। इसी विचार के साथ उन्होंने 100 वर्ष पूर्व व्यक्ति निर्माण के माध्यम से राष्ट्र को पुनः वैभवशाली बनाने के लिए संघ की स्थापना की थी।"
गोष्ठी में बताया गया कि संघ का कार्य स्वामी विवेकानंद के उस स्वप्न को साकार करना है, जिसमें व्यक्ति निर्माण और समाज संगठन को देश की शक्ति का आधार माना गया है। कैलाश जीने जोर देकर कहा कि संघ की शाखाएं व्यक्ति के भीतर देश-अभिमान और सेवा भाव जागृत करने का कार्य करती हैं।
कैलाश ने वर्तमान सामाजिक चुनौतियों के समाधान हेतु पांच प्रमुख विषयों पर स्वयं के भीतर परिवर्तन लाने का आह्वान किया:
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सामाजिक समरसता
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'स्व' (स्वदेशी एवं स्व-संस्कृति) का भाव
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पर्यावरण संरक्षण
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कुटुंब प्रबोधन (पारिवारिक संस्कार)
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नागरिक शिष्टाचार
उद्बोधन के पश्चात प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें कैलाश ने उपस्थित लोगों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक 'वंदे मातरम' के साथ हुआ। इस अवसर पर हिंदुत्व, सेवा, संस्कार और महापुरुषों के जीवन पर आधारित साहित्य की स्टाल भी लगाई गई, जिसमें प्रबुद्ध जनों ने गहरी रुचि दिखाई।

