मिलावटखोरों के हौसले बुलंद: धड़ल्ले से बिक रहा है 'मौत' का पनीर, जनता की सेहत पर भारी पड़ रही अफसरों की चुप्पी
अलवर (ऐनल गुप्ता) अलवर जिले सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों तक सिंथेटिक पनीर बेचने का सिलसिला जारी है।लेकिन स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी मूकदर्शक बन कर इस काले कारोबार को देख रहें है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के अलावा राजगढ, माचाडी, टहला के अलावा बाईपास पर खुली हुई बडे बडे नाम से खुली हुई होटलों पर टिक्कड के साथ सिंथेटिक पनीर की सब्जी धडल्ले परोसकर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड करते हुए जेबें तराश रहें है। वहीं दूसरी ओर कुछ हलवाई भी इस प्रकार के सिंथेटिक पनीर को धडल्ले से बेच कर मोटा मुनाफा काट रहें है।
लोगों ने बताया की दौसा, मंडावर सहित अन्य इलाकों से कुछ लोगों द्वारा नकली सिंथेटिक पनीर ,मावे सहित अन्य दूध से बने पदार्थ धडल्ले से बाईकों सहित अन्य साधनो से कुछ हलवाईयों और होटलों पर सस्ते दामों पर सप्लाई किया जाता है।
नाम नही छापने की शर्त पर एक हलवाई ने बताया की सिंथेटिक पनीर 150/रूपए किलो से खरीदकर 360/रुपए किलो विक्रय किया जाता है।वहीं होटलों पर इस सिंथेटिक पनीर को टिक्कड के साथ सरेआम परोसकर स्वास्थ्य विभाग के शुद्ध के लिए युद्ध की सरेआम धज्जियां उडाई जा रहीं है।
प्रबुद्ध नागरिकों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से सिंथेटिक पनीर सहित अन्य पदार्थ बेचने वाले लोगों की जांच कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है


