अर्न्तराष्ट्रीय नृत्य दिवस के अवसर पर एक दिवसीय कथक नृत्य कार्यशाला गुरुकुल पब्लिक स्कूल में सम्पन्न
अजमेर (राजकुमार गोयल) विविधा-कला एवं सांस्कृतिक संस्था एवं अजमेर कथक कला केन्द्र के तत्वावधान में एक दिवसीय कथक नृत्य कार्यशाला का आयोजन गुरुकुल पब्लिक स्कूल अजमेर में किया गया।
संस्था की निदेशक सुश्री दृष्टि रॉय ने अर्न्तराष्ट्रीय नृत्य दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यशाला में छात्राओं को कथक के क्रियात्मक और कलात्मक पक्ष के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि नृत्य भारतीय समाज की आत्मा है जो धर्म, कला और जीवन को आपस में जोड़ता है।
भारतीय संस्कृति में नृत्य का अत्यन्त आध्यात्मिक स्थान है जो इसे सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि आध्यात्मिक अनुभूति, कलात्मक अभिव्यक्ति और सांस्कृतिक विरासत की निरंतरता का प्रतीक बनाता है यह ईश्वर से जुड़ने, पौराणिक कथाओं को कहने और भावाभिव्यक्ति का एक सशक्त माध्यम है।
छात्राओं के लिए सांस्कृतिक नृत्य के लाभउनके स्वास्थ्य तक भी पहुँचते हैं जैसा कि हम सभी जानते है कि नृत्य एक कठिन गतिविधि है जो नृत्य करने वाले व्यक्ति की सभी मांसपेशियों को सक्रिय करती है साथ ही जब बच्चे अपनी जड़ों से जुडते हैं तभी वे अपने समुदाय के भावी ध्वजवाहक बन पाते हैं।
इससे पूर्व गुरुकुल स्कूल की डायरेक्टर रितिका शास्त्री ने संस्था की निदेशक दृष्टि राय का स्वागत व अभिनन्द किया। इस अवसर पर अजमेर कथक केन्द्र के संरक्षक गोविन्द रौतेला, केन्द्र की वरिष्ठ छात्रा सोनम सोलंकी, पदाधिकारी केशव कुमार सहित गुरुकुल स्कूल के छात्र, अध्यापक अध्यापिकाएं एवं सम्पूर्ण स्टाफ मौजूद रहे ।


