ग्राम रथ अभियान: ऊंदरा में दुर्गेश का बरसों का इंतज़ार खत्म, मौके पर ही मिला स्वामित्व पट्टा
भरतपुर / कोश्लेंद्र दत्तात्रेय
राजस्थान सरकार के 'ग्राम रथ अभियान' के तहत आयोजित जनजागरूकता शिविरों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में बदलाव की नई इबारत लिखी जा रही है। शनिवार को सेवर पंचायत समिति की ग्राम पंचायत ऊंदरा में आयोजित शिविर दुर्गेश के लिए खुशियों की सौगात लेकर आया, जहाँ उन्हें अपनी भूमि का स्वामित्व पट्टा प्रदान किया गया।
बैंक ऋण की राह हुई आसान
ग्राम पंचायत ऊंदरा के भरंगरपुर निवासी दुर्गेश पुत्र रामरतन ने अपनी समस्या साझा करते हुए बताया कि लंबे समय से पट्टा न होने के कारण उन्हें अपनी ही भूमि पर कानूनी अधिकार साबित करने और बैंक से ऋण प्राप्त करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। पट्टे के अभाव में वे अपने कृषि कार्य और पारिवारिक आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए वित्तीय सहायता नहीं जुटा पा रहे थे।
एसडीएम की सक्रियता से मौके पर निस्तारण
शिविर के दौरान दुर्गेश ने उपखंड अधिकारी (SDM) भारती गुप्ता के समक्ष पट्टे के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए उपखंड अधिकारी ने तत्काल प्रभाव से संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। प्रशासनिक मुस्तैदी का परिणाम यह रहा कि पट्टा आवेदन के समस्त दस्तावेजों की पूर्ति मौके पर ही करवा दी गई और दुर्गेश को उनका स्वामित्व पट्टा सौंप दिया गया।
"पट्टा मिलने से अब मुझे अपनी भूमि का कानूनी हक मिल गया है। अब मैं बिना किसी रुकावट के बैंक से ऋण ले सकूँगा और अपनी आर्थिक योजनाओं को बेहतर तरीके से पूरा कर पाऊँगा। यह अभियान हम जैसे ग्रामीणों के लिए बहुत लाभकारी है।"
— दुर्गेश, लाभार्थी
मुख्यमंत्री एवं प्रशासन का जताया आभार
मालिकाना हक का पट्टा प्राप्त करने के बाद दुर्गेश ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ग्राम रथ अभियान जैसे कार्यक्रम जब धरातल पर पूरी पारदर्शिता के साथ लागू होते हैं, तभी आमजन के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है।
ग्राम रथ से योजनाओं का प्रचार
शिविर के दौरान एलईडी मोबाइल वैन (ग्राम रथ) के माध्यम से ग्रामीणों को राज्य सरकार की प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं, कृषक और पशुपालक कल्याण कार्यक्रमों तथा विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई। इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र व्यक्ति जानकारी के अभाव में सरकार की जनहितकारी योजनाओं से वंचित न रहे।


