ग्राम रथ अभियान: इकरन में ओमप्रकाश को मिला अपनी जमीन का मालिकाना हक, मौके पर ही हुआ पट्टे का वितरण
भरतपुर / कोश्लेंद्र दत्तात्रेय
राजस्थान सरकार का 'ग्राम रथ अभियान' ग्रामीण क्षेत्रों में जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुँचाने में मील का पत्थर साबित हो रहा है। इसी कड़ी में सेवर पंचायत समिति की ग्राम पंचायत इकरन में आयोजित जनजागरूकता शिविर के दौरान ओमप्रकाश के लिए बरसों का इंतजार खत्म हुआ और उन्हें अपनी भूमि का स्वामित्व पट्टा प्राप्त हुआ।
बैंक ऋण की बाधा हुई दूर
इकरन निवासी ओमप्रकाश पुत्र हुकमसिंह (निवासी चारलीगंज) ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि पट्टा न होने के कारण उन्हें अपनी ही भूमि पर कानूनी अधिकार प्राप्त करने और बैंक से ऋण लेने में भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। जमीन के दस्तावेजों की कमी के कारण वे कृषि और आर्थिक कार्यों के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता नहीं जुटा पा रहे थे।
एसडीएम की तत्परता से मौके पर समाधान
शिविर के दौरान ओमप्रकाश ने उपखंड अधिकारी (SDM) भारती गुप्ता के समक्ष अपना आवेदन रखा। एसडीएम ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल संबंधित अधिकारियों को पट्टा आवेदन के दस्तावेजों की पूर्ति करने के निर्देश दिए। प्रशासनिक मुस्तैदी के चलते मौके पर ही सभी प्रक्रियाएं पूरी की गईं और ओमप्रकाश को स्वामित्व पट्टा सौंप दिया गया।
"पट्टा मिलने से अब मुझे अपनी भूमि पर कानूनी मालिकाना हक मिल गया है। अब मैं बिना किसी रुकावट के बैंक से ऋण ले सकूँगा और अपने परिवार की आर्थिक जरूरतों को योजनाबद्ध तरीके से पूरा कर पाऊँगा।"
— ओमप्रकाश, लाभार्थी
मुख्यमंत्री एवं प्रशासन का जताया आभार
स्वामित्व पट्टा पाकर ओमप्रकाश के चेहरे पर संतोष और खुशी के भाव साफ झलके। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और जिला प्रशासन को धन्यवाद देते हुए कहा कि ग्राम रथ अभियान जैसे कार्यक्रम ग्रामीणों के जीवन में वास्तविक और सकारात्मक परिवर्तन ला रहे हैं।
एलईडी वैन से योजनाओं का प्रचार
शिविर स्थल पर ग्राम रथ की एलईडी मोबाइल वैन के माध्यम से ग्रामीणों को राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं, विकास कार्यों और कृषि व पशुपालन से जुड़े कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी दी गई। इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण जागरूक होकर सरकार की हर लाभकारी योजना का सीधा लाभ उठा सकें।


