“गौचर बचाओ फाउंडेशन” को भारत सरकार से सेक्शन 8 लाइसेंस प्राप्त
गुरला:-(बद्री लाल माली) भीलवाड़ा राजस्थान।गौचर भूमि, चारागाह संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन एवं जनहित कार्यों के क्षेत्र में सक्रिय “गौचर बचाओ फाउंडेशन” को भारत सरकार के कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय (Ministry of Corporate Affairs) द्वारा कम्पनी अधिनियम, 2013 की धारा 8(1) के अंतर्गत आधिकारिक लाइसेंस प्रदान किया गया है। यह लाइसेंस दिनांक 15 मई 2026 को केंद्रीय पंजीकरण केंद्र (Central Registration Centre) द्वारा जारी किया गया।
फाउंडेशन को जारी सेक्शन-8 लाइसेंस संख्या 185276 के माध्यम से संस्था को एक गैर-लाभकारी (Non-Profit) संगठन के रूप में मान्यता प्राप्त हुई है। यह मान्यता इस बात का प्रमाण है कि संस्था समाजहित, गौचर भूमि संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा सार्वजनिक हित से जुड़े उद्देश्यों के लिए कार्य करेगी और संस्था की समस्त आय एवं संपत्ति केवल जनकल्याणकारी उद्देश्यों में ही उपयोग की जाएगी।
संस्था के पदाधिकारि करन शर्मा ने बताया कि “गौचर बचाओ फाउंडेशन” पिछले लंबे समय से गौचर भूमि पर हो रहे अतिक्रमण, अवैध कब्जों एवं पर्यावरण विनाश के विरुद्ध आवाज उठाता रहा है। संस्था द्वारा विभिन्न प्रशासनिक एवं न्यायिक मंचों पर गौचर भूमि संरक्षण को लेकर अभियान संचालित किए जा रहे हैं। अब भारत सरकार से आधिकारिक सेक्शन-8 लाइसेंस प्राप्त होने के बाद संस्था और अधिक प्रभावी तरीके से जनहित एवं गौ-संरक्षण से जुड़े कार्य कर सकेगी।
फाउंडेशन के प्रतिनिधी गोटू सिंह मंगलपुरा ने कहा कि यह लाइसेंस केवल एक प्रशासनिक स्वीकृति नहीं, बल्कि गौचर संरक्षण आंदोलन को मिली एक बड़ी वैधानिक पहचान है। संस्था भविष्य में गौचर भूमि संरक्षण, वृक्षारोपण, जल संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता, पशु संरक्षण तथा ग्रामीण विकास से संबंधित व्यापक स्तर पर कार्य करेगी।
जारी लाइसेंस के अनुसार संस्था अपनी किसी भी आय या लाभांश को सदस्यों में वितरित नहीं कर सकेगी तथा संपूर्ण संसाधनों का उपयोग केवल संस्था के उद्देश्यों की पूर्ति हेतु किया जाएगा। साथ ही संस्था के संविधान एवं उद्देश्यों में किसी भी प्रकार का परिवर्तन करने से पूर्व रजिस्ट्रार की अनुमति आवश्यक होगी।
संस्था से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं गौसेवकों ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे गौचर संरक्षण आंदोलन की ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि अब संस्था कानूनी एवं संगठित रूप से प्रदेशभर में गौचर भूमि बचाने हेतु जनजागरण अभियान चलाएगी तथा अवैध अतिक्रमणों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के लिए संघर्ष जारी रखेगी।


