स्वरूप सराय इंटरलॉकिंग विवाद गहराया, पीड़ित ने 25 लोगों पर लगाया ईंट उखाड़ने का आरोप; एसडीएम को शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच व कार्रवाई की मांग की
मुंडावर (खैरथल-तिजारा/ देवराज मीणा), उपखंड क्षेत्र के करनीकोट के समीपवर्ती ग्राम स्वरूप सराय में खातेदारी भूमि पर लगी इंटरलॉकिंग टाइल्स को बलपूर्वक उखाड़ने और अवैध अतिक्रमण करने का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद क्षेत्र में मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पीड़ित पक्ष ने इस संबंध में उपखंड मजिस्ट्रेट (एसडीएम) कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई की गुहार लगाई है।
एसडीएम को सौंपी गई शिकायत में पीड़ित विक्रम सिंह ने आरोप लगाया है कि उनकी स्वामित्व एवं खातेदारी की भूमि, जिसकी वैध रजिस्ट्री और बाउंड्रीवॉल पहले से मौजूद है, पर विपक्षी दल के लोगों ने अवैध रूप से कब्जा करने की नीयत से तोड़फोड़ की। विपक्षियों द्वारा वहां लगी इंटरलॉकिंग टाइल्स को उखाड़कर निजी व सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया गया है।
- श्मशान भूमि के रास्ते पर विवाद व मिलीभगत के आरोप:
विक्रम सिंह ने वस्तुस्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि श्मशान घाट के आवागमन हेतु 10 फीट का चौड़ा रास्ता पूर्व से ही मौके पर उपलब्ध है। इसके बावजूद दूसरे पक्ष द्वारा दुर्भावनापूर्ण तरीके से भूमि के दूसरी ओर मिट्टी डालकर अवैध अतिक्रमण का प्रयास किया जा रहा है। पीड़ित का दावा है कि उक्त भूमि के संदर्भ में विपक्षी पक्ष के पास कोई भी वैध या स्वामित्व संबंधी दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं।
इसके साथ ही शिकायतकर्ता ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि घटना की पूर्ण जानकारी होने के बाद भी ग्राम सरपंच द्वारा अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक रिपोर्ट या कानूनी कदम नहीं उठाया गया है। पीड़ित ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि इसमें किसी भी सरकारी कर्मचारी या जनप्रतिनिधि की प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष संलिप्तता या मिलीभगत पाई जाती है, तो उनके विरुद्ध भी कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाए।
- शिकायत में नामजद किए गए व्यक्ति:
विक्रम सिंह द्वारा प्रशासन को सौंपी गई सूची में कुल 23 लोगों को नामजद किया गया है, जिनमें नरेंद्र कुमार, धोली देवी, अमर सिंह, जयसिंह, दयाराम, गिरधारी, धुड़ा राम, रामनिवास, शैतान सिंह, कृष्णा मीणा पुत्र इंद्राज, दुलीचंद, प्रहलाद, मामराज, रामजीलाल, लीलाराम शर्मा, गुरदयाल मास्टर, गिर्राज, उम्मेद, जसवंत, राजा राम, बजरंगलाल मीणा, ओम प्रकाश और लालाराम सहित अन्य ग्रामीण शामिल हैं।
एसडीएम कार्यालय में शिकायत प्राप्त होने के बाद स्थानीय प्रशासन ने मामले को संज्ञान में लेते हुए त्वरित प्रभाव से जांच शुरू कर दी है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि मौके की स्थिति और राजस्व रिकॉर्ड का मिलान कर नियमानुसार निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। सभी आरोपों की वास्तविक सत्यता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।


