उदयपुरवाटी: राष्ट्र की सुख-समृद्धि और विश्व शांति के लिए हुआ गायत्री महायज्ञ, वैदिक मंत्रोच्चार के साथ दीं आहुतियां
उदयपुरवाटी, (सुमेर सिंह राव) अखिल विश्व गायत्री परिवार शाखा उदयपुरवाटी के तत्वावधान में कस्बे के पुरानी सब्जी मंडी परिक्षेत्र में एक दिवसीय गायत्री महायज्ञ का भव्य आयोजन किया गया। इस यज्ञ का मुख्य उद्देश्य राष्ट्र की सुख-समृद्धि, उन्नति एवं विश्व में शांति और भाईचारे की भावना को बढ़ावा देना था।
अनुष्ठान के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से महामंत्र 'गायत्री मंत्र' का श्रद्धापूर्वक उच्चारण करते हुए यज्ञवेदी में पवित्र आहुतियां प्रदान कीं।
'गायत्री आदि शक्ति और वेद माता हैं': आचार्य बजरंग लाल सोनी
महायज्ञ में आचार्य का दायित्व उदयपुरवाटी के बजरंग लाल सोनी ने निभाया। उन्होंने पूर्ण विधि-विधान और वैदिक रीति-नीति से यज्ञ संपन्न करवाया। यज्ञ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए आचार्य सोनी ने कहा: "गायत्री आदि शक्ति हैं, वे देव माता, विश्व माता और वेद माता हैं। गायत्री महामंत्र के नियमित जप और अनुष्ठान से न केवल मनुष्य के अंतःकरण का शुद्धिकरण होता है, बल्कि हमारे राष्ट्र और संपूर्ण विश्व में शांति व सकारात्मक ऊर्जा का संचार अवश्य होता है।"
वैदिक शांति पाठ के साथ हुआ समापन
महायज्ञ की पूर्णाहूति के पश्चात उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने देश और दुनिया से अशांति, संताप और बीमारियों के नाश की प्रार्थना की। अंत में वैदिक मंत्र 'ॐ द्यौः शान्ति रन्तरिक्षं शान्तिः...' (ॐ शांति) के सामूहिक पाठ के साथ इस पावन धार्मिक कार्यक्रम का विसर्जन और समापन हुआ।
इस मांगलिक और आध्यात्मिक आयोजन में कैलाश चंद्र जांगिड़, माया देवी जांगिड़, गोविंद जांगिड़, पूजा, नियति, सीमा देवी (सीकर), बद्री प्रसाद तंवर, रतन लाल सैनी, बनवारी लाल सैनी, महावीर प्रसाद सैनी, हनुमान प्रसाद जांगिड़ सहित गायत्री परिवार के अनेक कार्यकर्ताओं, प्रबुद्ध नागरिकों और मातृशक्ति ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।


