अलवर नगर निगम यूआईटी व ट्रैफिक पुलिस ने संयुक्त रूप से की कार्यवाही, 10 दुकानों के आगे बने रैंप व दीवारें तोड़ी
अलवर (अनिल गुप्ता) शहर के यातायात को सुगम बनाने और सड़कों को अतिक्रमण मुक्त करने के उद्देश्य से बुधवार को स्थानीय प्रशासन द्वारा एक बड़ा अभियान चलाया गया। नगर निगम, नगर विकास न्यास (UIT) और ट्रैफिक पुलिस की संयुक्त टीम ने भारी पुलिस जाब्ते के साथ रोड नंबर 2 पर अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की। इस दौरान जेसीबी की मदद से लगभग 10 दुकानों के आगे बने अवैध रैंप और दीवारों को ध्वस्त कर दिया गया।
- कार्रवाई के दौरान हंगामा और पक्षपात के आरोप
प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी हंगामा और व्यापारियों का विरोध देखने को मिला। कई दुकानदारों ने प्रशासन पर एकतरफा और भेदभावपूर्ण कार्रवाई करने का गंभीर आरोप लगाया। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि कार्रवाई के दौरान एक रसूखदार भाजपा नेता की दुकान आते ही जेसीबी के पंजे थम गए, जिसे लेकर अन्य दुकानदारों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
- वैध दस्तावेज होने के बावजूद तोड़फोड़ का दावा
कार्रवाई की जद में आए कूलर-पंखे के स्थानीय व्यवसाई प्रवीण गोयल ने रोष व्यक्त करते हुए कहा, "दुकान के आगे की जमीन मैंने नगर निगम से कानूनी तौर पर खरीदी हुई है, जिसके पुख्ता दस्तावेज मेरे पास हैं। मैंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को कागजात दिखाए, इसके बावजूद मेरी दुकान के आगे बने रैंप और दीवार को तोड़ दिया गया, जबकि बगल की ही एक अन्य दुकान को छोड़ दिया गया।" कई अन्य दुकानदारों ने भी अधिकारियों पर दस्तावेजों की अनदेखी करने और चुनिंदा तौर पर कार्रवाई करने के आरोप लगाए हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, रोड नंबर 2 पर लगातार लग रहे जाम और पैदल चलने वालों को होने वाली असुविधा को देखते हुए यह संयुक्त कार्रवाई की गई है। सड़क सीमा में आने वाले अस्थाई और स्थाई अवरोधों को नियमानुसार हटाया गया है। मामले को लेकर व्यापारियों में नाराजगी बनी हुई है और पीड़ित दुकानदार इस एकतरफा कार्रवाई के खिलाफ उच्चाधिकारियों व न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की रणनीति बना रहे हैं।


