व्यावसायिक प्रशिक्षकों में रोष: नई बिड प्रक्रिया पर सवाल, स्थाई नीति की मांग तेज
तखतगढ़ / पाली (बरकत खा)
राजस्थान में कार्यरत व्यावसायिक प्रशिक्षकों के बीच विभाग द्वारा नई बिड (टेंडर) प्रक्रिया प्रारम्भ किए जाने से भारी रोष व्याप्त है। प्रशिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान के बजाय पुनः ठेका आधारित व्यवस्था लागू करने की दिशा में कदम उठाया जा रहा है।
प्रशिक्षकों का आरोप है कि 80से अधिक विधायक, सांसद महोदय जनप्रतिनिधियों द्वारा इस विषय पर समर्थन और अनुशंसा पत्र मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री के नाम लिखने के बावजूद भी बावजूद सरकार एवं विभाग स्तर पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। साथ ही, जिन कंपनियों की पहले से 13- 14 महीनों से सैलेरी बकाया चल रही है फिर भी इन्ही कंपनियों को टेंडर थमाने का विचार कर रहा विभाग पूर्व में वेतन भुगतान से जुड़ी शिकायतों और विभागीय आदेशों के बाद भी उन्हीं प्रकार की व्यवस्थाओं को दोबारा लागू करने की तैयारी चिंता का विषय है।
व्यावसायिक प्रशिक्षकों का कहना है कि वर्षों से हजारों प्रशिक्षक अस्थिर रोजगार, भुगतान संबंधी समस्याओं और भविष्य की अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं। उनका मानना है कि कौशल शिक्षा के उद्देश्य को मजबूत करने के बजाय ठेका आधारित मॉडल को जारी रखने से शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
साथ ही प्रशिक्षकों ने यह भी प्रश्न उठाया है कि यदि माननीय उच्च न्यायालय एवं विभागीय स्तर पर पूर्व में कुछ व्यवस्थाओं को लेकर आपत्तियां दर्ज की गई थीं, तो वर्तमान बिड प्रक्रिया किस आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। प्रशिक्षकों ने मांग की है कि सरकार इस विषय पर पारदर्शी निर्णय लेते हुए स्थाई रोजगार नीति पर विचार करे तथा व्यावसायिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए दीर्घकालिक समाधान लागू करे।
व्यावसायिक प्रशिक्षक संघर्ष समिति के जिला अध्यक्ष.................
जबकि कंपनीयों की लगातार भ्रष्टाचार की शिकायत की जा रही है फिर भी विभाग मौन
चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर उचित विचार नहीं किया गया तो आगे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन और जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। यदि भी विभाग, सरकार नहीं मानगे तो हम हाई कोर्ट की शरण लेंगे
एक तरफ "कौशल भारत - कुशल भारत "का युवाओं को सपना दिखा रहें वहीं दूसरी तरफ कौशल शिक्षा देने वालों व्यावसायिक प्रशिक्षको को ठेका प्रथा शोषण की आग मे धकेला जा रहा है
आखिर किस विचारधारा से शिक्षा को ठेके पर चलाया जा रहा है यह गंभीर विषय है माननीय मुख्यमंत्री महोदय को संज्ञान में लेना चाहिए और ठेका पता से मुक्त करें शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने चाहिए :- व्यावसायिक प्रशिक्षक संघर्ष समिति
अध्यक्ष पवन गर्ग


