महामंडलेश्वर बनने की खुशी में बाबूगिरी महाराज को भक्तों ने भेंट की लग्जरी गाड़ी
भीलवाड़ा (राजकुमार गोयल) श्री संकटमोचन हनुमान मंदिर भीलवाड़ा के बाबूगिरी जी महाराज को श्री पंचायती निरंजनी अखाड़ा द्वारा महामण्डलेश्वर की उपाधि से विभूषित करने की खुशी में मंदिर परिवार एवं भक्तों द्वारा लग्जरी गाड़ी फॉर्च्यूनर भेंट की गई है। सोमवार दोपहर शुभ मुर्हुत में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हाथीभाटा आश्रम के महन्त संतदासजी महाराज के सानिध्य में मुख्य भेंटकर्ता हेमन्तपुरी गोस्वामी एवं महावीर सोमानी ने वाहन की चाबी महामंडलेश्वर बाबूगिरी महाराज को समर्पित की। वैदिक परम्परानुसार वाहन की पूजा अर्चना पंडित अशोक व्यास एवं पंडित देवेन्द्र शास्त्री ने सम्पन्न कराई। इस दौरान भक्तों ने इस बात पर खुशी जताई की प्रभु भक्ति एवं मानव सेवा के कार्यो में हमेशा अग्रणी रहने वाले बाबूगिरी महाराज का भीलवाड़ा में प्रख्यात कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा के दौरान 13 अप्रेल को श्री पंचायती निरंजनी अखाड़ा मायापुर हरिद्धार के सचिव सचिव एवं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महन्त डॉ. रविन्द्रपुरी महाराज सहित कई प्रमुख संतों के सानिध्य में महामंडलेश्वर पद पर पट्टाभिषेक किया गया।
इस पट्टाभिषेक ने भीलवाड़ा में संकटमोचन हनुमान मंदिर से जुड़े हजारोें भक्तों एवं सनातन धर्मावलम्बियों को हर्षित कर दिया। इसके बाद ही कुछ प्रमुख भक्तों एवं मंदिर परिवार ने इस उपलक्ष्य में बाबूगिरी महाराज को लग्जरी वाहन भेंट करने की भावना जताई थी। लग्जरी गाड़ी भेंट करने के अवसर पर पुजारी मुरारी पांडे, पुजारी ओम पाराशर, श्री संकटमोचन हनुमान मंदिर ट्रस्ट के महावीर अग्रवाल, रमेश बंसल, सांवरमल बंसल, समाजसेवी गजानंद बजाज, राधेश्याम सोमानी, सुनील जागेटिया, पीयूष डाड, सत्येन्द्र बिरला, रजनीकांत आचार्य, बद्रीलाल सोमानी, रामेश्वरलाल ईनाणी, राजेश कुदाल, ललित सोमानी, अलका जोशी, राजेश तिवारी, शिव समदानी कारोई,सांवरनाथ कारोई सहित कई भक्तगण मौजूद थे। महामंडलेश्वर बाबूगिरी महाराज ने भक्तों का दुपट्टा ओढ़ाकर स्वागत सम्मान करते हुए आशीर्वाद प्रदान किया। उन्होंने सभी के प्रति मंगलभावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि सनातन धर्म ओर मानव सेवा के कार्य निरन्तर जारी रहेंगे ओर भक्तों द्वारा भेंट इस वाहन का उपयोग भी धर्म के प्रचार प्रसार व सेवा कार्यो में होता रहेगा। इस दौरान श्री शिवाय नमस्तुभ्यं, जयश्री राम ओर श्री संकटमोचन हनुमानजी महाराज के जयकारे गूंजायमान होते रहे।


