आजादी के जश्न के बीच बदहाली की तस्वीर: सोपुरा स्कूल का गेट बना 'तालाब', गंदे पानी से होकर परेड प्रैक्टिस करने को मजबूर मासूम
गुरलां/भीलवाड़ा /बद्री लाल माली। देश जहां स्वतंत्रता दिवस के जश्न की तैयारियों में जुटा है और स्कूलों में देशभक्ति गीतों की गूंज है, वहीं भीलवाड़ा जिले की ग्राम पंचायत सेथुरिया के सोपुरा स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में तस्वीर बेहद चिंताजनक है। यहां बच्चे राष्ट्रीय पर्व की परेड प्रैक्टिस करने के बजाय स्कूल के गेट पर जमा 2 से 3 फीट गहरे गंदे पानी और कीचड़ से जंग लड़ने को मजबूर हैं। बदहाली से नाराज ग्रामीणों और अभिभावकों ने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है— "अगर 15 अगस्त से पहले स्कूल का रास्ता दुरुस्त नहीं हुआ, तो पंचायत भवन पर झंडा फहराने का पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा।"
स्कूल गेट बना 'तालाब', 100 मीटर तक नरक जैसी स्थिति
भीलवाड़ा से करीब 25 किलोमीटर दूर स्थित सोपुरा गांव के इस स्कूल में कक्षा 1 से 8 तक के 111 बच्चे नामांकित हैं। स्कूल निर्माण के बाद से ही यहां जल निकासी के लिए नाली का निर्माण नहीं कराया गया। जुलाई और अगस्त की बारिश के बाद अब स्थिति यह है कि स्कूल के मुख्य द्वार से 100 मीटर दूर तक 2 से 3 फीट गहरा गंदा पानी और कीचड़ जमा है। पानी सड़ांध मार रहा है, जिससे मच्छर और बीमारियां पनप रही हैं। 10 मीटर दूर से ही बदबू के कारण सांस लेना दूभर हो जाता है।
वर्दी खराब, जूते टूटे; 15 अगस्त की प्रैक्टिस प्रभावित
2-3 किलोमीटर दूर से पैदल आने वाले गरीब परिवारों के मासूम बच्चे रोजाना गिरते-पड़ते स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं। कीचड़ में फंसकर बच्चों के जूते टूट रहे हैं और इकलौती स्कूल ड्रेस खराब हो रही है, जिसे रोज-रोज धोना अभिभावकों के लिए आफत बन गया है। स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में होने वाली पीटी, परेड और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी पूरी तरह ठप हो गई है, क्योंकि सफेद ड्रेस पहनते ही वह कीचड़ से सन जाती है।
"पंचायत के पास फंड नहीं..." सरपंच का पुराना राग
स्थानीय ग्रामीण अर्जुन पुरी ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि इस समस्या को लेकर कई बार सरपंच और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई गई, लेकिन हर बार 'पंचायत में फंड नहीं है' का बहाना बनाकर टाल दिया जाता है। चुनाव के समय वोट मांगने आने वाले प्रतिनिधि अब फोन तक उठाना मुनासिब नहीं समझ रहे। ग्रामीणों की मांग है कि अगर पक्की नाली बनने में समय लग रहा है, तो 15 अगस्त के मद्दनेजर कम से कम तत्काल मिट्टी/मुरम डलवाकर रास्ता चलने लायक बनाया जाए।
यदि समय रहते प्रशासन ने इस दिशा में कदम नहीं उठाया, तो इस बार स्वतंत्रता दिवस पर पंचायत स्तर पर बड़ा विरोध देखने को मिल सकता है।

