'ईमानदारी का दूसरा नाम नंदलाल': 4 साल पहले 5 तोला सोना तो अब लौटाए सोने के झुमके, महिला ने किया 1000 रुपये का गोदान
मकराना | मोहम्मद शहजाद
निकटवर्ती कस्बे बोरावड़ के जाटा बास चौराहे पर एक सब्जी विक्रेता ने ईमानदारी की मिसाल पेश कर इंसानियत का दिल जीतने वाला कार्य किया है। सब्जी दुकानदार ने एक महिला के 10 दिन पहले दुकान पर छूटे सोने के झुमके सकुशल लौटा दिए, जिसकी पूरे क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जाखली निवासी मुन्नी देवी (पत्नी तानसेन प्रजापत) 10 दिन पूर्व बोरावड़ स्थित घासीराम नंदलाल प्रजापत की सब्जी दुकान पर आई थीं। उनके पास एक प्लास्टिक की डिब्बी में सोने के झुमके रखे हुए थे। सब्जी खरीदारी के दौरान अचानक आए एक जरूरी फोन के कारण वह जल्दबाजी में गहनों की डिब्बी दुकान पर ही भूल गईं। दुकानदार नंदलाल की नजर जब उस लावारिस डिब्बी पर पड़ी, तो उन्होंने उसे संभालकर सुरक्षित रख लिया।
घटना के 10 दिन बाद मुन्नी देवी अपने पुत्र श्रीराम और मुंहबोले भाई मोहनराम बाज्या के साथ दुकानदार के पास पहुंचीं तथा गहने छूट जाने की जानकारी दी। महिला ने बताया कि उन्होंने यह झुमके बोरावड़ के ही एक स्थानीय स्वर्णकार से बनवाए थे। इसके बाद क्षेत्र के गणमान्य लोगों की मौजूदगी में स्वर्णकार और बिल-जानकारी के आधार पर मालिकाना हक की पुष्टि की गई।
सत्यापन होते ही नंदलाल प्रजापत ने सोने के झुमके मुन्नी देवी को सुपुर्द कर दिए। खोया हुआ सोना वापस मिलते ही मुन्नी देवी भावुक हो गईं और उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। उन्होंने बताया कि गहने खोने के बाद से वह काफी परेशान थीं। दुकानदार की निष्ठा का आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने इस खुशी में 1000 रुपये का गोदान भी किया।
उल्लेखनीय है कि सब्जी विक्रेता नंदलाल प्रजापत की ईमानदारी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व चार साल पहले भी उन्होंने इसी तरह एक ग्राहक का गुम हुआ 5 तोला सोना उसके असली मालिक को लौटाकर मिसाल कायम की थी।

