'सर्वे तय करेगा टिकट, काम देखा जाएगा कार्ड नहीं': निकाय-पंचायत चुनावों पर बीजेपी का बड़ा दांव; मदन राठौड़ बोले- जनसेवक को ही मैदान में उतारेंगे
जयपुर। आगामी पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी रणनीति साफ कर दी है। बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने स्पष्ट किया है कि चुनावों में टिकट का एकमात्र आधार निष्पक्ष सर्वे होगा। पार्टी में किसी भी कार्यकर्ता के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा।
मदन राठौड़ ने जोर देकर कहा कि टिकट वितरण में पहली प्राथमिकता ऐसे व्यक्ति को दी जाएगी जो सच्चा जनसेवक हो, जनता के विकास कार्यों के लिए पूरा समय देता हो और जिसे स्थानीय जनता का भरपूर समर्थन प्राप्त हो।
'जनता की पसंद ही हमारा उम्मीदवार'
कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए नेताओं को टिकट दिए जाने के सवाल पर प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि बीजेपी में नए-पुराने का कोई भेदभाव नहीं है। उन्होंने कहा, "जो भी जनसेवक है और जिसे जनता पसंद करती है, पार्टी उसे ही मैदान में उतारेगी। हमारा लक्ष्य केवल और केवल जनता का विकास और जीत दर्ज करना है।"
'कड़ी से कड़ी जोड़ने से ही होगा विकास'
मदन राठौड़ ने प्रदेश की जनता को जागरूक बताते हुए कहा कि केंद्र और राज्य में पहले से ही बीजेपी की सरकार है। यदि स्थानीय निकायों में भी बीजेपी का प्रतिनिधित्व रहता है, तो 'कड़ी से कड़ी' जुड़ती है। इससे विकास की गति दोगुनी होती है और योजनाओं का लाभ धरातल तक सीधे पहुँचता है।
आरक्षण लॉटरी पर डोटासरा को जवाब
निकाय और जिला प्रमुख की लॉटरी प्रक्रिया पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए राठौड़ ने कहा कि डोटासरा को सोच-समझकर बयानबाजी करनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि लॉटरी निकालने का काम सरकार का नहीं, बल्कि पिछड़ा वर्ग (OBC) आयोग की रिपोर्ट और निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत हुआ है। इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं है।
छुआछूत के आरोपों पर तीखा हमला
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद मंच के शुद्धिकरण के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि बीजेपी छुआछूत को कतई बर्दाश्त नहीं करती। पार्टी पूरे समाज को एक मानकर चलती है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष बेवजह के मुद्दों को तूल देकर समाज में तनाव और अशांति पैदा करने की कोशिश कर रहा है।

