डीग पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 4 अवैध हथियार और 26 कारतूस के साथ युवक गिरफ्तार; चोरी का मोबाइल बेचता दुकानदार भी दबोचा
राजस्थान के डीग जिले में अपराध और अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को दो बड़ी सफलताएं मिली हैं। पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में अवैध हथियार-कारतूस बरामद कर एक युवक को गिरफ्तार किया है, वहीं दिल्ली से चोरी के मोबाइल लाकर बेचने वाले एक दुकानदार को भी सलाखों के पीछे भेजा है।
मामला 1: प्लास्टिक के कट्टे और पिट्ठू बैग में छिपे थे हथियार
जनूथर थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक युवक गूंगावाली बगीची से नगला देशवार की ओर अवैध हथियार लेकर जा रहा है। एसपी डीग शरण गोपीनाथ के निर्देश पर थानाधिकारी रामभरोसी की टीम ने घेराबंदी की।
पुलिस को देखकर पैदल आ रहा युवक खेतों की तरफ भागने लगा, जिसे जवानों ने दौड़ाकर दबोच लिया। आरोपी की पहचान अजय उर्फ सचिन (22) निवासी जाटौली थून के रूप में हुई।
क्या-क्या हुआ बरामद:
- 2 अवैध पौना (12 बोर)
- 2 देसी कट्टे (315 बोर)
- 26 जिंदा कारतूस (20 कारतूस 12 बोर और 6 कारतूस 315 बोर के)
मास्टरमाइंड की तलाश जारी: पूछताछ में आरोपी अजय ने बताया कि यह हथियार उसे गांव के ही कुलदीप उर्फ कलुआ ने लाकर दिए थे। पुलिस अब कुलदीप के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर धारा 111(3) BNS और 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत जांच शुरू कर दी है।
मामला 2: 'संचार साथी' ऐप ने खोला चोरी के मोबाइल का राज
दूसरी कार्रवाई डीग कोतवाली थाना पुलिस ने 'वीरो मोबाइल शॉप' (नई सड़क) पर की। पुलिस को सूचना मिली थी कि इस दुकान पर चोरी के मोबाइल फोन सस्ते दामों पर खरीदे-बेचे जाते हैं।
उप निरीक्षक वीरविक्रम सिंह की टीम ने दुकान पर दबिश देकर एक OnePlus 6T 5G मोबाइल बरामद किया। जब दुकानदार से बिल मांगा गया तो वह कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।
- ऐसे पकड़ा गया झूठ: पुलिस ने जब 'संचार साथी ऐप' के माध्यम से IMEI नंबर को CEIR पोर्टल पर चेक किया, तो मोबाइल के चोरी होने की शिकायत दर्ज पाई गई।
- आरोपी: दुकानदार वीरो (25) निवासी बरई, दिल्ली से चोरी के फोन लाकर डीग में बेचता था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 303(2) और 317(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में अवैध हथियारों की तस्करी, चोरी के सामान की खरीद-फरोख्त और संगठित अपराधों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

