28 अगस्त को मनेगा रक्षाबंधन: भारत में बेअसर रहेगा चंद्र ग्रहण, नहीं लगेगा सूतक काल; भद्रा से भी मिलेगी मुक्ति
लक्ष्मणगढ़ (अलवर): कमलेश जैन
भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का महापर्व रक्षाबंधन इस वर्ष 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा के दिन पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। हालांकि इसी दिन वर्ष का दूसरा और अंतिम आंशिक चंद्र ग्रहण भी पड़ रहा है, लेकिन योग शिक्षक पंडित लोकेश कुमार के अनुसार यह खगोलीय घटना भारत में दिखाई नहीं देगी। धार्मिक मान्यताओं के तहत भारत में अदृश्य रहने के कारण इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा, जिससे रक्षाबंधन के पर्व और पूजा-पाठ में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी।
चंद्र ग्रहण की आंशिक अवस्था भारतीय समयानुसार सुबह 8:04 बजे से 11:22 बजे तक रहेगी, जिसका अधिकतम चरण सुबह 9:43 बजे होगा। चूंकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए मंदिरों के कपाट बंद करने या धार्मिक कार्य रोकने जैसी परंपराएं लागू नहीं होंगी। इसके अतिरिक्त, भद्रा काल भी सूर्योदय से पूर्व ही समाप्त हो जाएगा, जिससे रक्षासूत्र बांधने के लिए भद्रा का साया भी नहीं रहेगा।
राखी बांधने का शुभ मुहूर्त:
पंचांग के अनुसार रक्षाबंधन पर राखी बांधने का सबसे उत्तम समय सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक रहेगा। हालांकि, स्थानीय पंचांग के अनुसार विभिन्न शहरों में समय में आंशिक अंतर हो सकता है। ऐसे में बहनें किसी भी भ्रम में पड़े बिना शुभ मुहूर्त में अपने भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना कर सकती हैं।

