राजस्थान विधानसभा: भारी हंगामे के बीच UCC बिल पेश, सदन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित; केवल 66 मिनट चली दूसरे दिन की कार्यवाही, कांग्रेस का वॉकआउट
राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन शुक्रवार को सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला। भारी गतिरोध और हंगामे के बीच संसदीय कार्य एवं विधि मंत्री जोगाराम पटेल ने बहुचर्चित समान नागरिक संहिता (UCC) बिल सदन के पटल पर रखा। इसके तुरंत बाद कांग्रेस विधायकों ने कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया। सरकार द्वारा अनुपूरक मांगों और तीन विधेयकों को पारित कराने के बाद विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
शुक्रवार को सदन की कार्यवाही कुल 1 घंटा 6 मिनट (66 मिनट) ही चल सकी। इसमें प्रश्नकाल 5 मिनट और शून्यकाल 18 मिनट चला, जबकि हंगामे के चलते कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी।
- गेट पर रोकने और मारपीट के मुद्दे पर वेल में आए कांग्रेसी
सुबह सदन की शुरुआत होते ही नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने गुरुवार को विधायकों को विधानसभा के गेट पर रोके जाने तथा स्कूलों के निरीक्षण पर गए सीजेपी (CJP) कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट का मुद्दा उठाया। स्पीकर वासुदेव देवनानी द्वारा प्रश्नकाल के बीच चर्चा की अनुमति न दिए जाने पर कांग्रेस विधायक वेल में आ गए और सरकार विरोधी तख्तियां लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। जवाब में सत्ता पक्ष के विधायकों ने भी राहुल गांधी के खिलाफ नारेबाजी की।
- अनुमति नियमों के तहत ही मिलेगी: स्पीकर
विधायकों को गेट पर रोकने के आरोप पर स्पीकर वासुदेव देवनानी ने स्पष्ट किया कि विधायकों के लिए गेट हमेशा खुले हैं, लेकिन नियमों के विपरीत समूह में आने या बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश की अनुमति न पहले थी और न आगे दी जाएगी।
- आपसी खींचतान छिपाने को किया हंगामा: संसदीय कार्य मंत्री
कांग्रेस के वॉकआउट पर संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी में अंदरूनी खींचतान मची है। विपक्ष जनता के मुद्दों पर गंभीर नहीं है और जानबूझकर सदन की कार्यवाही से भाग रहा है।

