जयपुर की सांस्कृतिक विरासत और पहचान बचाने को शंखनाद: रविवार को निकलेगी 'जन आक्रोश रैली'
जयपुर/ राजस्थान।
गुलाबी नगरी जयपुर की ऐतिहासिक व सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने तथा परकोटा (चारदीवारी) क्षेत्र से बहुसंख्यक वर्ग के हो रहे कथित पलायन को रोकने की मांग को लेकर युवा शक्ति मंच राजस्थान की ओर से इस रविवार को विशाल 'जन आक्रोश रैली' का आयोजन किया जा रहा है। आयोजकों ने इस रैली में करीब 25 हजार लोगों के शामिल होने का दावा करते हुए इसे जयपुर की अस्मिता से जुड़ा सबसे बड़ा जनजागरूकता अभियान करार दिया है।
2100 महिलाएं करेंगी अगुवाई, हजारों वाहनों का रहेगा काफिला युवा शक्ति मंच राजस्थान के प्रदेश संयोजक सुनील सिंह शेखावत ने बताया कि रैली में जयपुर शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में युवा और आमजन जुटेंगे। अनुशासन और शक्ति प्रदर्शन के प्रतीक के रूप में रैली के सबसे आगे 2100 महिलाएं चलेंगी। इसके अलावा रैली में करीब 10 हजार दुपहिया वाहन (बाइक/स्कूटी) और 500 चार पहिया वाहन शामिल रहेंगे।
खोले के हनुमान जी से अल्बर्ट हॉल तक गूंजेगी आवाज प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, यह विशाल जन आक्रोश रैली रविवार (23 अगस्त) को सुबह 11 बजे प्रसिद्ध धार्मिक स्थल 'खोले के हनुमान जी' मंदिर परिसर से शुरू होगी। शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई यह रैली अल्बर्ट हॉल (रामनिवास बाग) पहुँचकर जनसभा के रूप में संपन्न होगी।
सुनील सिंह शेखावत ने कहा, "जयपुर अपनी ऐतिहासिक इमारतों, जीवंत परंपराओं, मंदिरों और अनूठी संस्कृति के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। परकोटा क्षेत्र में जनसांख्यिकीय बदलाव और पलायन के कारण इस सांस्कृतिक पहचान पर खतरा मंडरा रहा है, जिसे बचाना हर जयपुरवासी का कर्तव्य है।"
सोशल मीडिया पर छिड़ा अभियान, जनसमर्थन की अपील रैली में अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के लिए मंच की ओर से सोशल मीडिया पर व्यापक डिजिटल कैंपेन चलाया जा रहा है। आयोजकों ने शहरवासियों से अपील की है कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर जयपुर के गौरव, संस्कृति और सुरक्षा के हित में इस जन आंदोलन का हिस्सा बनें। इस रैली के माध्यम से सरकार और स्थानीय प्रशासन के समक्ष कड़े कदम उठाने की मांग रखी जाएगी।

