जयपुर में शिक्षिका ने की आत्महत्या: 'बेटा न होने' पर ससुराल वाले करते थे प्रताड़ित, पति सहित ससुरालियों पर केस दर्ज
जयपुर (राजस्थान) राजधानी के भट्टाबस्ती थाना क्षेत्र में एक सरकारी महिला शिक्षिका ने ससुराल पक्ष की मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान शास्त्री नगर की शिव कॉलोनी निवासी नीरू गुप्ता (40) के रूप में हुई है, जो रींगस के एक सरकारी स्कूल में पदस्थापित थीं। मृतका के पिता की शिकायत पर पुलिस ने पति और ससुराल वालों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
- स्कूल से लौटने के बाद उठाया कदम
भट्टाबस्ती थानाधिकारी सुरेंद्र कुमार सैनी के अनुसार, नीरू मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे स्कूल से घर लौटी थीं। इसके बाद वह अपने कमरे में चली गईं। शाम करीब 6:30 बजे जब परिजन कमरे में पहुंचे, तो वह फंदे से लटकी मिलीं। उन्हें तुरंत कांवटिया अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
- दहेज और 'बेटा न होने' को लेकर ताने
मुरलीपुरा निवासी मृतका के पिता पुष्करलाल गुप्ता ने बताया कि नीरू की शादी जनवरी 2013 में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव योगेश अग्रवाल से हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही दहेज की मांग को लेकर विवाद चल रहा था।
दिसंबर 2013 में पहली बेटी और फरवरी 2019 में दूसरी बेटी के जन्म के बाद ससुराल पक्ष की प्रताड़ना और बढ़ गई। 'बेटा न होने' के चलते उन्हें लगातार तानों और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा था। वर्ष 2023 में शिक्षिका की नौकरी लगने के बावजूद ससुराल वालों के व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया।
- फोन पर पिता से कही थी अनहोनी की बात
पिता के मुताबिक, हाल ही में नीरू के भाई के यहां दूसरा बेटा होने पर ससुराल पक्ष ने फिर से विवाद खड़ा कर दिया। मृतका ने फोन कर पिता से कहा था, "पिताजी, बेटा नहीं होने के कारण ये लोग मुझे मार डालेंगे। आप मेरी दोनों बच्चियों का ध्यान रखना।" इसके कुछ ही समय बाद परिवार को उसकी मौत की सूचना मिली। पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।

