त्योहारों से पहले कड़वी हुई चीनी: 20 दिन में ₹20 तक उछले दाम, ₹70 पहुंची कीमत; रसोई का बजट बिगड़ा
लक्ष्मणगढ़ (अलवर): कमलेश जैन
त्योहारों का सीजन शुरू होते ही चीनी की कड़वाहट ने आम आदमी की रसोई और पर्वों की मिठास बिगाड़ दी है। उपखंड क्षेत्र में महज 20 दिनों के भीतर चीनी के फुटकर दाम 19 से 20 रुपये प्रति किलोग्राम तक बढ़कर 64 से 70 रुपये प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। कम बारिश, फसल खराब होने से उत्पादन में गिरावट, त्योहारी मांग और जमाखोरी को इस अप्रत्याशित तेजी की मुख्य वजह माना जा रहा है।
दामों में अचानक हुए इस उछाल से आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ हलवाई और चाय व्यापारियों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं। स्थानीय कारोबारियों का कहना है कि थोक बाजार में तेजी के कारण आगामी त्योहारों पर मिठाइयों के दाम बढ़ाना मजबूरी हो जाएगा। वहीं चाय विक्रेताओं के अनुसार लागत बढ़ने से चाय का एक कप 10 से 15 रुपये तक महंगा हो सकता है। गन्ने का अधिक इस्तेमाल एथेनॉल निर्माण में होने के कारण बाजार में गुड़ की आपूर्ति घटने और उसके भी महंगे होने के आसार बन रहे हैं।
बाजार के हालात और आम जनता का दर्द:
- ऐतिहासिक तेजी: 15 वर्षों से चीनी के दाम 42 से 44 रुपये प्रति किलो के आसपास स्थिर थे, लेकिन इस एक महीने की अप्रत्याशित बढ़ोतरी ने आम आदमी का पूरा बजट हिलाकर रख दिया है।
- भंडारण पर सख्ती: थोक विक्रेताओं के अनुसार सरकार ने जमाखोरी रोकने के लिए 15 दिन से अधिक चीनी का भंडारण न करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, बढ़ती कीमतों के कारण बाजार में मांग लगातार घट रही है।
- फीकी हुई मिठास: गैस, सरसों तेल और सब्जियों की मार झेल रहे मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए अब चीनी की खपत घटाना मजबूरी बन गया है। लोगों का कहना है कि इस महंगाई में त्योहारों की मिठास पूरी तरह फीकी पड़ गई है।

