शाला सम्बलन अभियान: एडीपीसी अधिकारी दाधीच ने किया स्कूलों का निरीक्षण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के दिए निर्देश
भीलवाड़ा (राजकुमार गोयल)। जिले में शिक्षण व्यवस्था को सुचारू, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से समग्र शिक्षा अभियान (एडीपीसी) भीलवाड़ा के कार्यक्रम अधिकारी योगेश दाधीच ने 'शाला सम्बलन' कार्यक्रम के तहत विभिन्न राजकीय विद्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सुवाणा और जहाजपुर ब्लॉक के कई विद्यालयों का दौरा कर शैक्षणिक व्यवस्थाओं और विद्यालय परिसरों का जायजा लिया।
विद्यार्थियों से संवाद कर जांचा सीखने का स्तर
निरीक्षण के दौरान कार्यक्रम अधिकारी दाधीच ने सुवाणा ब्लॉक के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रीछड़ा तथा जहाजपुर ब्लॉक के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय लाड़ी जी का खेड़ा, खेमा का खेड़ा, नाथादण्ड एवं सुंदरगढ़ के विद्यालयों का दौरा किया। उन्होंने कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों की उपस्थिति, पठन-पाठन गतिविधियों और शैक्षणिक स्तर का अवलोकन किया। दाधीच ने स्वयं विद्यार्थियों से बातचीत कर उनके सीखने के स्तर को परखा और शिक्षकों को प्रभावी शिक्षण के निर्देश दिए।
'लाड़ी जी का खेड़ा' विद्यालय की विशेष सराहना
राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय लाड़ी जी का खेड़ा के स्वच्छ, हरे-भरे और आकर्षक परिसर की दाधीच ने विशेष रूप से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद विद्यालय परिवार द्वारा तैयार किया गया यह आनंददायी माहौल विद्यार्थियों के लिए बेहद सकारात्मक है। यह विद्यालय अन्य संस्थानों के लिए भी एक प्रेरणास्रोत है।
शिक्षकों को दिशा-निर्देश:
- गतिविधि आधारित शिक्षण: सीखने की प्रक्रिया को आसान और रोचक बनाने के लिए गतिविधि आधारित शिक्षण को बढ़ावा दिया जाए।
- विशेष ध्यान: पढ़ाई में पिछड़ रहे कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उनके सुधार पर अलग से कार्य किया जाए।
- नियमित उपस्थिति: विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए प्रयास तेज किए जाएं।
दाधीच ने स्पष्ट किया कि 'शाला सम्बलन' का उद्देश्य केवल निरीक्षण करना नहीं, बल्कि विद्यालयों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने में सहयोग देना है ताकि प्रत्येक विद्यार्थी तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंच सके।

