जोधपुर नगर निगम के 2 कर्मचारियों सहित 6 पर केस दर्ज: फर्जी पट्टा बनाकर 7 लाख रुपये हड़पने का मामला; ACJM कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई
जोधपुर/सरदारपुरा:
जोधपुर के सरदारपुरा स्थित एक प्लॉट के मालिकाना हक विवाद में फर्जी पट्टा बनाकर 7 लाख रुपये की ठगी करने का गंभीर मामला सामने आया है। नगर निगम के दो कर्मचारियों ने कस्टोडियन संपत्ति विवाद सुलझाने और निगम से पट्टा जारी करवाने का झांसा देकर परिवादी से यह राशि ऐंठी थी। एसीजेएम (ACJM) कोर्ट के आदेश पर भगत की कोठी थाना पुलिस ने नगर निगम के दो कर्मचारियों सहित छह आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामले की पूरी कड़ियां:
- फर्जी वसीयत और संपत्ति विवाद: नागोरी गेट निवासी विजय गहलोत अपने मित्र दीपक फर्नांडीज के सरदारपुरा C-रोड स्थित मकान (नंबर 165-1) के पावर ऑफ अटॉर्नी धारक हैं। आरोप है कि दीपक के रिश्तेदार दीपक डिसूजा ने मकान की फर्जी वसीयत तैयार कर इसे निर्मित श्रृंगी को 35 लाख रुपये में बेच दिया था। इस संबंध में पूर्व में उदयमंदिर थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया गया था।
- पट्टा दिलाने के नाम पर 7 लाख की ठगी: विवाद के दौरान नगर निगम जोधपुर के कनिष्ठ सहायक हरवंश कल्ला और श्रीराम कल्ला ने विवाद का समाधान करवाकर नगर निगम से पट्टा दिलाने का दावा किया। उन्होंने परिवादी से 7 लाख रुपये लिए और 27 फरवरी 2026 को एक पट्टा थमा दिया।
- पंजीयन कार्यालय में खुला फर्जीवाड़ा: परिवादी जब पट्टे का रजिस्ट्रेशन कराने पहुंचे, तो अधिकारियों ने डिस्पैच नंबर और तारीख न होने के कारण इसे फर्जी करार दे दिया। नगर निगम उपायुक्त से जांच कराने पर पुष्टि हुई कि यह पट्टा निगम द्वारा जारी ही नहीं किया गया था।
- आधा पैसा लौटाया, फिर देने लगे धमकियां: पोल खुलने पर आरोपी हरवंश ने 3 लाख रुपये नकद लौटाए और बाकी 4 लाख रुपये बाद में देने का वादा किया। हालांकि, इसके बाद अन्य आरोपियों (नरेश सांखला, दीपक डिसूजा और निर्मित श्रृंगी) ने पीड़ित को धमकाना, ब्लैकमेल करना और पुराने केस में राजीनामा करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया।
पुलिस और उच्च अधिकारियों से शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने पर पीड़ित ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के निर्देश पर अब मामला दर्ज कर एएसआई दिनेश विश्नोई को जांच सौंपी गई है।

