गड्ढा बचाएं या जान? बाणगंगा पुल पर दर्दनाक हादसा,बाणगंगा में गिरे दंपती व मासूम बच्ची
अवधेश अवस्थी (महुवा)
महुवा। कस्बे के बाणगंगा नदी पुल पर फैला प्रशासनिक अनदेखी का 'जाल' अब मासूम जिंदगियों पर भारी पड़ने लगा है। महुवा से अपने गांव केसरी लौट रहा एक हंसता-खेलता परिवार सड़क के जानलेवा गड्ढों के कारण हादसे का शिकार हो गया। गड्ढे से बचने की कोशिश में पीछे से आ रहे तेज रफ्तार वाहन ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार दंपती और उनकी एक साल की मासूम बच्ची पुल से सीधे नीचे जा गिरे।
हादसे में बाइक चला रहे लोकेश सैनी का पैर बुरी तरह जख्मी हो गया, जबकि उनकी पत्नी नीलम सैनी का हाथ फ्रैक्चर हो गया है। गोद में मौजूद एक वर्ष की मासूम बच्ची को भी गंभीर चोटें आई हैं। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
गड्ढे बचाने के चक्कर में पीछे से आया 'काल' परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महुवा-मंडावर मार्ग स्थित बाणगंगा नदी के पुल पर सड़क पूरी तरह छलनी हो चुकी है। जगह-जगह बने गहरे गड्ढों के कारण आए दिन गाड़ियां अनियंत्रित होती हैं। लोकेश भी अपनी बाइक को गड्ढे से बचाने का प्रयास कर रहे थे, तभी पीछे से आए अज्ञात वाहन ने उन्हें उड़ा दिया।
ग्रामीणों का आक्रोश: "क्या किसी की मौत का इंतजार कर रहा विभाग?" घटना के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि बाणगंगा पुल की खस्ताहाल स्थिति को लेकर कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन जिम्मेदार विभाग गहरी नींद में सो रहा है। लगातार होते हादसों के बावजूद गड्ढों की मरम्मत न कराया जाना लोक निर्माण विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
स्थानीय निवासियों ने चेताया है कि यदि जल्द से जल्द पुल की मरम्मत कराकर गड्ढों को नहीं भरा गया, तो ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। अब देखना यह है कि इस दर्दनाक हादसे के बाद भी लोक निर्माण विभाग की नींद टूटती है या फिर किसी और परिवार की बलि चढ़ने का इंतजार किया जाएगा।

