दशामाता विसर्जन के दौरान सुमेरपुर के परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़: शिवगंज में तालाब में गिरने से 3 वर्षीय मासूम की दर्दनाक मौत; ढाई घंटे चला रेस्क्यू
शिवगंज / सिरोही।
सिरोही जिले के शिवगंज थाना क्षेत्र स्थित गोपेश्वर महादेव मंदिर के पास शनिवार को एक ह्रदयविदारक हादसा सामने आया। दशामाता की मूर्ति विसर्जन के लिए परिवार के साथ आई तीन वर्ष की मासूम बालिका का पैर फिसलने से वह गहरे तालाब में जा गिरी। करीब ढाई घंटे चले कड़े रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद गोताखोरों ने मासूम का शव बाहर निकाला। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया और मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं में चीख-पुकार मच गई।
मूर्ति विसर्जन के दौरान हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, पाली जिले के सुमेरपुर हाउसिंग बोर्ड निवासी रमेश बागरी का परिवार दशामाता की मूर्ति विसर्जन के लिए सिरोही जिले के शिवगंज स्थित गोपेश्वर महादेव मंदिर परिसर पहुंचे थे। इसी दौरान रमेश बागरी की 3 वर्षीय मासूम बेटी चंद्रिका तालाब के किनारे खड़ी थी। अचानक संतुलन बिगड़ने और पैर फिसलने के कारण वह सीधे गहरे पानी में जा गिरी। बच्ची को डूबता देख परिजनों और आसपास के लोगों ने शोर मचाया तथा अपने स्तर पर बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
सिविल डिफेंस और SDRF ने चलाया ढाई घंटे रेस्क्यू हादसे की सूचना मिलते ही शिवगंज थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और राहत व बचाव कार्य शुरू कराया। जिला कलेक्टरेट से सिविल डिफेंस सिरोही की टीम मुकेश राणा के नेतृत्व में गोताखोरों के साथ घटनास्थल पर पहुँची। सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों ने तालाब के गहरे पानी में तलाशी अभियान चलाया। लगभग ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मासूम चंद्रिका का पार्थिव शरीर पानी से बाहर निकाला जा सका।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल मासूम की मौत की खबर फैलते ही तालाब के आसपास बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और श्रद्धालु एकत्र हो गए। अपनी लाडली की लाश देखते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। खुशी-खुशी पूजा-अर्चना करने आए परिवार पर इस अनहोनी से दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।

