पाली में पुरानी रंजिश को लेकर खूनी संघर्ष: फायरिंग में 1 की मौत, 7 घायल; परिजनों ने शव उठाने से किया इनकार
सियाणा (पाली) जिले के जेतपुर थाना क्षेत्र के सियाणा गांव में शुक्रवार को पुरानी रंजिश को लेकर दो परिवारों में खूनी संघर्ष हो गया। खेत में तारबंदी के विवाद से शुरू हुए इस विवाद में जमकर हथियार चले और अंधाधुंध फायरिंग की गई। गोली लगने से वीरेंद्रसिंह (52) पुत्र अभयसिंह की मौत हो गई, जबकि एक मजदूर सहित दोनों पक्षों के कुल 7 लोग घायल हो गए। सभी घायलों को इलाज के लिए पाली के बांगड़ हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।
खेत में तारबंदी के दौरान हमला- पीड़ित सूरजभान सिंह ने बताया कि वे खेत में तारबंदी करवाने के लिए मरडिया गांव से मजदूर बुलाकर काम करवा रहे थे। इसी दौरान दूसरे पक्ष के लोग ट्रैक्टर लेकर आए और उनके ट्रैक्टर को टक्कर मार दी। इसके बाद आरोपियों ने कुल्हाड़ी से हमला कर रतिदेवसिंह को घायल कर दिया और अजयपालसिंह व जितेंद्रसिंह ने बंदूक से गोलियां चला दीं। गोली वीरेंद्रसिंह के सीने में जा लगी, जिससे उनकी जान चली गई। वहीं छर्रे लगने से मजदूर भगाराम भील (25) भी गंभीर रूप से घायल हो गया।
पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप- मृतक के परिजनों ने जेतपुर थाना पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। सूरजभान सिंह का कहना है कि पूर्व में हुए विवाद और गवाही को लेकर रंजिश चल रही थी। घटना के समय थानाधिकारी को फोन कर जान के खतरे की सूचना दी गई थी, लेकिन पुलिस आधे घंटे बाद पहुंची।
मांगें पूरी होने तक शव न उठाने की चेतावनी- घटना के बाद पुलिस ने शव को बांगड़ अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। मृतक के छोटे भाई महेंद्रसिंह और परिजनों ने स्पष्ट कहा है कि जब तक सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता और उनके अवैध निर्माण को ध्वस्त नहीं किया जाता, तब तक वे मोर्चरी से शव नहीं उठाएंगे।
अमरसिंह रत्नू, पुलिस उपाधीक्षक (सीओ) का कहना है कि- "दोनों पक्ष आपस में रिश्तेदार हैं और इनके बीच पुराना विवाद चल रहा था। मामले की गहनता से जांच की जा रही है और आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम गठित की गई है।"

