विश्व खाद्य दिवस:रोटी सिर्फ भोजन नहीं, जीने का अधिकार है विधिक जागरूकता शिविर में बच्चों और ग्रामीणों को दी गई खाद्य सुरक्षा व पोषण की जानकारी
राजगढ़ (अलवर) अनिल कुमार गुप्ता
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के मासिक एक्शन प्लान के निर्देशानुसार और तालुका विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश राजगढ़ डॉ. लेखपाल शर्मा के मार्गदर्शन में गत 16 अक्टूबर को 'विश्व खाद्य दिवस' के उपलक्ष्य में एक विशेष विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर महात्मा गांधी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बल्लूपूरा (पुराना राजगढ़) में संपन्न हुआ।
भुखमरी मिटाने और पोषण सुरक्षा का संदेश:
शिविर के दौरान पी.एल.वी. शिवकांत शर्मा ने उपस्थित विद्यार्थियों और ग्रामीणों को संबोधित करते हुए बताया कि हर साल 16 अक्टूबर को विश्व खाद्य दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य वैश्विक स्तर पर भुखमरी मिटाना, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना और हर नागरिक तक पोषणयुक्त भोजन पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि "रोटी सिर्फ भोजन नहीं, बल्कि जीने का एक मूलभूत कानूनी अधिकार है।"
कानूनी अधिकारों और योजनाओं की दी जानकारी:
शिविर में वक्ताओं और पीएलवी ने सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं और कानूनों पर प्रकाश डाला:
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राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013: गरीब व जरूरतमंद परिवारों को सस्ते दामों पर खाद्यान्न का कानूनी अधिकार।
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प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना: पात्र परिवारों को प्रति व्यक्ति 5 किलो अतिरिक्त निःशुल्क अनाज का लाभ, जिससे देश के 80 करोड़ लोग लाभान्वित हो रहे हैं।
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पोषण का सही अर्थ: केवल पेट भरना नहीं, बल्कि आहार में दालें, हरी सब्जियाँ और मोटे अनाज (मिलेट्स जैसे ज्वार, बाजरा, रागी) को शामिल करना। जंक फूड से केवल पेट भरता है, ताकत नहीं मिलती।
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मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य योजनाएं: प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और जननी सुरक्षा योजना के माध्यम से गर्भवती महिलाओं के बेहतर पोषण की व्यवस्था।
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खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 (FSSAI): मिलावटी और असुरक्षित भोजन को 'जहर' बताते हुए इसके खिलाफ आवाज उठाने और शिकायत करने को उपभोक्ता का अधिकार बताया गया।
निःशुल्क विधिक सहायता और हेल्पलाइन की जानकारी:
शिविर में उपस्थित जनों को जानकारी दी गई कि विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 की धारा 12 के तहत खाद्य सुरक्षा या अन्य बुनियादी अधिकारों से वंचित बीपीएल परिवारों, महिलाओं और बालकों को निःशुल्क विधिक सहायता पाने का पूरा अधिकार है। किसी भी समस्या के समाधान के लिए नालसा टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 अथवा डीएलएसए (DLSA) अलवर से संपर्क किया जा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने मिलकर 'भूख-मुक्त भारत और कुपोषण-मुक्त भारत' के संकल्प को दोहराया। इस जागरूकता शिविर में विद्यालय के लगभग 40 विद्यार्थियों सहित समस्त शिक्षकगण और ग्रामीण उपस्थित रहे।

