गुरला में जल जीवन मिशन की खुली पोल: पानी की टंकी के पास फैला कीचड़, नलों से आ रहा बदबूदार और गंदा पानी
गुरला (भीलवाड़ा) बद्रीलाल माली
एक तरफ जहाँ सरकारें गाँवों को 'स्वच्छ और सुंदर' बनाने का दावा करती हैं, वहीं भीलवाड़ा जिले की ग्राम पंचायत गुरला में इन दावों की हवा निकालती एक पीड़ादायक और चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। यहाँ लीला देवी सोमेश्वर त्रिपाठी के घर के बाहर पिछले 5 सालों से पक्की नाली का निर्माण नहीं कराया गया है, जिससे पूरा मोहल्ला नारकीय जीवन जीने को मजबूर है।
घरों में घुसा गंदा पानी, दीवारों में आई सीलन:
स्थानीय निवासी लीला देवी के घर के सामने नाली पूरी तरह टूट चुकी है। घरों के नहाने-धोने और यहाँ तक कि शौचालय का गंदा पानी सीधे सड़क पर बह रहा है। हालत इतनी बदतर हो चुकी है कि गंदा पानी अब सीधे लोगों के घरों के अंदर प्रवेश कर रहा है, जिससे मकानों की दीवारों में सीलन आ गई है और संरचनात्मक नुकसान हो रहा है। पूरे मोहल्ले में कीचड़ का ढेर लगा हुआ है और दिनभर उठती असहनीय बदबू ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है।
5 साल से पंचायत लगा रही चक्कर, नहीं हुई सुनवाई:
पीड़ित लीला देवी और स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि बीते 5 वर्षों में उन्होंने ग्राम पंचायत और सरपंच के सामने दर्जनों बार लिखित व मौखिक शिकायतें कीं, लेकिन हर बार "अभी बजट नहीं है, जल्द बना देंगे" कहकर मामले को टाल दिया जाता है। लाखों रुपये के सरकारी बजट के बावजूद धरातल पर सफाई कर्मचारी केवल कागजों तक सीमित नजर आ रहे हैं।
मच्छरों का तांडव: डेंगू, मलेरिया और बीमारियों की चपेट में बच्चे:
सड़क पर जमा इस गंदे पानी और गंदगी के कारण क्षेत्र में मच्छरों की भरमार हो गई है, जिससे सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। बीते एक महीने के दौरान मोहल्ले के कई मासूम बच्चे डेंगू, मलेरिया, उल्टी और दस्त जैसी गंभीर बीमारियों से ग्रस्त हो चुके हैं। वहीं, हवा में घुली बदबू के कारण बुजुर्गों को साँस लेने में भारी तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने की तत्काल कार्रवाई और फॉगिंग की मांग:
आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासन और पंचायत राज विभाग से मांग की है कि लीला देवी के घर के बाहर तुरंत प्रभाव से पक्की नाली का निर्माण कराया जाए, सड़क से कीचड़-कचरा हटवाया जाए और क्षेत्र में मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए तुरंत एंटी-लार्वा छिड़काव व फॉगिंग करवाई जाए।

