शहीदों के सम्मान के लिए साइकिल से गुढ़ागौड़जी पहुंचा राज

शहीदों के सम्मान के लिए साइकिल से गुढ़ागौड़जी पहुंचा राज

 गुढ़ागौड़जी (चौथमल शर्मा)


गुढ़ागौड़जी क्षैत्र में पिछले दिनों में देश की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त तीन शहीदों के सम्मान के लिए जयपुर निवासी राज चौहान रविवार को पहुंचा। राज सायकिल पर जयपुर से सुबह निकला था जो दोपहर को गुढ़ागौड़जी पहुंच गया था। राज का रास्ते में कई जगह पर भव्य स्वागत भी किया गया था। जो उदयपुरवाटी पहुंचते ही ओमप्रकाश सैनी द्वारा अपनी टीम के साथ माला पहनाकर स्वागत किया गया। पोसाना टूल पर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा माला पहनाकर स्वागत किया और राज चौहान मे अधिक जोश उत्पन्न करने के लिए अग्रसर किया। उसके बाद पोसाना गांव में पांच शहीदों के स्मारक पर जाकर राज चौहान ने शहीदों को माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। उसके बाद अंकेश खैरवा ने अपनी टीम के साथ राज का माल्यार्पण कर स्वागत किया और उनकी यात्रा के बारे में जानकारी प्राप्त की। उसके बाद राज चौहान ने पोसाना गांव के 22 अक्टूबर को अरूरणाचल प्रदेश में हेलीकॉप्टर क्रैश में हुए शहीद रोहिताश्व खैरवा के घर पर जाकर शहीद को श्रद्धांजलि देकर उनके पिता विधाधर खैरवा को तिरंगा भेंट किया। उसके बाद पड़ोस की महिलाएं ने भी चौहान के जज्बा को देखते हुए रास्ते में रोककर सम्मान किया और उनके माता पिता को धन्य बताया। राज चौहान को घर वाले के बारे में जानकारी प्राप्त की और ऐसे नेक कार्य के लिए बधाई का पात्र बताया। इसके बाद राज चौहान ने कठिन रास्तों से समस्याओं का सामना करते हुए दुड़ीया गांव के एक मां के दूसरे लाल भी मां भारती की रक्षा करते हुए 19 अक्तूबर को युद्धाभ्यास के दौरान वीरगति को प्राप्त शहीद जयसिंह बांगड़वा के घर पहुंचा। भगवान की मर्जी के अनुसार इस घर में राज चौहान को दूसरी बार जाना पड़ा। पहली बार शहीद जयसिंह बांगड़वा का छोटा भाई पिंटू बांगड़वा को श्रद्धांजलि देने के लिए आया था तब राज चौहान को जयसिंह ही घर पर मिला था तब राज ने तिरंगा भी जयसिंह को भेंट किया था। और उसके 14 महीने बाद जयसिंह खुद भी देश की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हो गए। शहीद जयसिंह को श्रद्धांजलि देकर उनके पिता ताराचंद बांगड़वा को  तिरंगा भेंट किया। उसके बाद गुढ़ागौड़जी पहुंचने पर जेपी महला और वहा के दुकानदारों के द्वारा राज चौहान को माला पहनाकर स्वागत किया गया। जेपी महला ने राज चौहान का जज्बा देखकर राज को धन्यवाद देते हुए राज को बताया की शेखावाटी क्षेत्र में जब भी आए तो हमें जरूर सूचित करें और किसी भी प्रकार की समस्या आए तो बताना। उसके बाद राज चौहान गुढ़ा बावनी के सुमेर सिंह बगड़िया युद्धाभ्यास के दौरान 6 अक्तूबर  को बबीना में भारत माता कि रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए थे उनके घर पहुंचा। वहा पर शहीद सुमेर सिंह बगड़िया को श्रद्धांजलि देकर शहीद के भतीजा नरेंद्र कुमार बगड़िया को तिरंगा भेंट किया। राज चौहान से बात करने पर बताया कि निस्वार्थ भाव से शहीदों के सम्मान के लिए राजस्थान के सभी शहीदों के घर पर साइकिल से जाकर श्रद्धाजली देता हैं और उनके परिजनों को तिरंगा भेंट कर सम्मानित करता है। अब तक चौहान लगभग 115 शहीदों को श्रद्धांजलि दे चुका है। उसके बाद देर शाम को राज चौहान जयपुर के लिए वापस रवाना हुआ।