शताधिक साहित्यकारों की उपस्थिति में हुआ डॉ0 लोढ़ा की पुस्तक का लोकार्पण

Apr 1, 2025 - 19:10
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शताधिक साहित्यकारों की उपस्थिति में हुआ डॉ0 लोढ़ा की पुस्तक का लोकार्पण

भीलवाड़ा : राजकुमार गोयल
( बचपन हुआ अनलॉक्ड - बचपन के गलियारे तक लौटने की यात्रा कराती है यह पुस्तक)
राजस्थान दिवस की पूर्व संध्या पर सुप्रसिद्ध दंत चिकित्सक डॉ० सुरेन्द्र लोढ़ा की प्रथम कृति 'बचपन अनलॉक्ड' का विमोचन 'हॉटल युनिक विलेज रेस्ट्रो' के सभागार में भीलवाड़ा जिले के साहित्याकारों और साहित्यप्रेमियों की उपस्थिति में हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ भैरूलाल गर्ग थे। शारदे वन्दना राही कबीर द्वारा सुमधुर कंठों से की गई। डॉ० सुरेन्द्र लोढ़ा ने बताया कि इसकी पृष्ठभूमि कोरोनाकाल में अपने गांव कंवलियास में अतीत के अनुभवों के पुनर्जीवन से हुई है। यह पुस्तक अपने दादाजी शांतिलाल लोढ़ा और दादीजी को समर्पित की हैं जिनकी गोद में बैठकर बचपन को न केवल जीया था अपितु परिवार में संस्कारों का निर्माण हुआ था। युगीन साहित्य प्रवाह संस्थान के सचिव योगेश दाधीच ने बताया कि संस्थान के सहयोग से 'छुअन का असर', 'कब छटेगा यह कोहरा', 'वर्तमान में हनुमान' के बाद चौथी पुस्तक 'बचपन अनलॉक्ड' का विमोचन हो रहा है। संस्थान के अध्यक्ष सतीश 'आस' ने बताया कि 'बचपन अनलॉक्ड' का विमोचन गीतकार राजेन्द्रगोपाल व्यास, शिक्षाविद और साहित्यकार प्रहलाद पारीक, सजलकार रेखा 'स्मित', प्रबुद्ध विचारक दीन दयाल जोशी, गीतकार सत्येन्द्र मण्डेला और कला एवं रंगप्रेमी लक्ष्मीनारायण डाड के विशिष्ट आतिथ्य एवं संस्था के संरक्षक गोपाल लाल दाधीच की अध्यक्षता में हुआ। युगीन साहित्य प्रवाह के कार्यों एवं गतिविधियों पर कोषाध्यक्ष चन्द्रेश टेलर ने प्रकाश डाला। प्रोफसर मनीष रंजन ने लेखन की यात्रा की जानकारी देते हुए बताया कि सर्जन स्वस्फूर्त आत्मानुभूति से अनायास होता है। इस अवसर पर बचपन अनलॉक्ड पुस्तक के रेखाचित्र बनाने वाले के जी कदम भी उपस्थित थे जिनके जीवन्त रेखाचित्र बचपन की यादों का पिटारा सहज खोल देते हैं। कार्यक्रम के कुशल संचालन का दायित्व असिस्टेड प्रोफेसर सूरज पारीक और रोहित सुकुमार ने निभाया। लेखक से सीधी वार्त्ता के अन्तर्गत कमल रामवानी 'सारांश', रामावतार शर्मा, प्रकाश परासर, आशा शर्मा, सुरेन्द्र सैनी, अजीज जख्मी, युगीन दाधीच और कई पाठकों ने लेखक से प्रश्नों द्वारा रोचक संवाद किया। फिजियोथेरेपिस्ट अंजना लोढ़ा ने बचपन की यादों को ताजा करते हुए खट्टी-मीठी गोलियाँ, इमली, बैर आदि की स्टॉल लगाई। इस अवसर पर लेखक के शिक्षक रहे राकेश सुखवाल और लक्ष्मी तेली के अलावा अरुण 'अजीब', जयप्रकाश भाटिया, डॉ. अनुराग शर्मा, श्याम सुंदर जोशी, वीरेन्द्र लोढ़ा, अवधेश जौहरी, डॉ. सुभाष टेलर, मुकेश चेचानी, ओम उज्ज्वल, श्याम सुंदर तिवाड़ी 'मधुप', संजीव सजल, अश्विनी व्यास, पूजा दाधीच, अमिता पारीक ' खनक', अपेक्षा व्यास, अतुल जोशी, घनश्याम बादल, पुखराज सोनी, केजी सेन, रामेश्वर रमेश, राजेश सेन, शिव कुमावत, आशीष दाधीच, जगदीश जगत, अजीत सिंह, मनोज शर्मा सहित कई साहित्यप्रेमी उपस्थित थे। अशोक लोढ़ा, संदीप लोढ़ा एवं परिवारजन ने सभी अतिथियों का अभिनंदन किया।

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