कटती गाय करे पुकार, गौतस्कर के घर मचा हाहाकार, पिता को बेटे की मिटटी नसीव नही
पहाड़ी(डीग) पहाड़ी थाने के गांव कनवाडी निवासी मृतक गौतस्कर आशिफ पुत्र हासम उर्फ काडा के शव का भरतपुर मे पोस्टमार्टम पुलिस के द्वारा कराया गया। पुलिस ने शव को गांव मे सुरक्षित परिजनो को सौप दिया है। पिता को बेटे की मिटटी भी नसीब नही हुई है। परिजनो ने रीति रिवाज से मृतक के शव को दफना दिया है।
रावल का बांध पर पुलिस-गौतस्करो की मुठभेड में गौतस्कर घायल हो गए थे। जिसमे कनवाडी निवासी आशिफ पुत्र हासम उर्फ काडा गम्भीर रूप से घायल हो गया जिसके हाथ मे गोली लगने से हालत गम्भीर थी। जिसे पुलिस ने पहाडी के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर प्राथमिक उपचार के लिए भर्ती कराया। गम्भीर हालत हाने पर उसके पिता काडा व पुत्र आशिफ को रफैर कर दिया गया।जहॉ आशिफ ने भरतपुर में उपचार के दौरान दम तोड दिया।जिसका गुरूवार सुबह आर.बी.एम चिकित्सालय मे मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम के बाद शव एम्बूलेंश से गांव ले जाकर परिजनो को सौप दिया गया है। मृतक के घर शौक का मातम छाया रहा।शव के पहुचने पर परिजनो का रो रो कर बुरा हाल हो रहा था। गाव में गमगीन माहौेल बना हुआ था।
पिता बदनसीब, नही हुई बेटे की मिटटी नसीब
ईनामी गौतस्कर हासम उर्फ काडा का पुत्र आशिफ जो गौतस्कर था। जो पुलिस मुठभेड में पिता काडा के साथ गोली लगने से घायल हो गया।जिसने उपचार के दौरान दम तोड दिया। जिसकी शव की यात्रा मे काडा गैरइलाज होने के कारण शामिल नही हो सका। जिसे बेटे की मिटटी भी नसीब नही हो सकी है। वही शव को दफना में लोगो को इंतजार की घडी का सामना करना पडा। बताया गया है पहले चार बजे मिटटी दफनाने का ऐलान किया गया था। उसके बाद मथुरा यू-पी से हासम उर्फ काडा का (चाचा)जो मृतक का रिश्ते मे दादा लगता है। उसके आने का घंटो इंतजार करना पडा। उसके बाद शाम को शव को दफना दिया गया है।
पुलिस के अधिकारी के आंख तक गावानी पडी
कहते है अपराधी की जात पात नही होती है। इसलिए मेवात में पुलिस के आलाधिकारी के निर्देशानुसार अपराध को लेकर पुलिस सख्त नजर आती है। वही समुदाय विशेष के प्रमुख लोगो ने जगह- जगह केई बार पंचायत आदि कर अपराध छोडने की केई बार अपील की थी । लेकिन उसके बाद कुछ अपराधी अपराध को चोरी छुपे करते आ रहे है। गोै-हत्या, गोतस्करी मुकदमो में वाछित आरोपीयो को पकडने के लिए पुलिस का नंदी ऑपरेशन अभियान जारी रही हेै। जिसके लिए स्पेशल टीमे गठित कर रखी हेै। जो समय समय पर छापामार कार्रवाही करती रहती हैे।जिसमे पुलिस को गौतस्करो से मुठभेड का समाना करना पडता है। क्योकि गौतस्कर अवेध हथियारो से जान लेवा हमला करने से नही चूकते है। यहा तक की गौतस्करो की गोली से पुलिस के अधिकारी के आंख तक गावानी पडी हेै। घाटमीका चौकी पर वृताधिकारी गिर्राज मीणा, डीग के कोतवाल विजय सिह मीणा, पहाडी के थाना प्रभारी योगेन्द्र सिह राजावत, आईजी एसपी की स्पेशल टीमे मय पुलिस जाप्ते के साथ डेरा डाले रही जो हर गतविधी पर नजर बनाऐ हुए थी। पुलिस की गाडीयॉ घाटमीका चौराहे पर सडक के किनारे खडी रही है।पुलिसकर्मी गु्रपो में इधर बेठे रहे है।
गौरतलव है की पुलिस की बीट व्यवस्था पर मुखबिर तंत्र अधिक हावी है। मुखबिर के नाम पर दलाल प्रवृति के लोगो का गांव गांव मे नेटवर्क फैला हुआ है। जो अपराधीयो व वाछित आरोपी को पुलिस का भय दिखा कर अपनी जेब भरते रहते है। जबकि पुलिस का कहना है यदि कोई किसी अपराध मे वाछित आरोपी हेै तो वह स्वय आकर सरेन्ड कर कानून का सहयोग कर सकता है। लेकिन दलाल -पुलिस की साठगांठ के चलते अपराधी को मारपीट नही करनेे के नाम पर डरा कर अपनी जेब गर्म करने से नही चूक रहे है। जिसको लेकर पुलिस पर भी कई बार आरोप लगते रहे है।