गोविंदगढ़ में कचरे के ढेर में पॉलीथिन खाते मवेशी: प्रतिबंध के बावजूद सड़कों पर बिखरी प्लास्टिक, आवारा पशुओं की सेहत को खतरा
गोविंदगढ़ नगरपालिका क्षेत्र में सिंगल यूज प्लास्टिक पर सरकारी प्रतिबंध सिर्फ कागजों तक सीमित है। नगर के कचरे के ढेरों में प्लास्टिक थैलियों की भरमार है। आवारा मवेशी भोजन की तलाश में इन थैलियों को खा रहे हैं।
सड़कों पर घूम रहे गोवंश को सरकार ने हाल ही में निराश्रित घोषित किया है। लेकिन इनके संरक्षण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। ये पशु भूख मिटाने के लिए कचरे के ढेरों में खाना खोजते हैं।
स्थानीय बाजारों में अधिकतर लोग खरीदारी के लिए अपने थैले नहीं लाते। दुकानदार सामान प्लास्टिक थैलियों में देते हैं। इस्तेमाल के बाद लोग इन्हें कहीं भी फेंक देते हैं। इससे शहर में प्लास्टिक कचरे के पहाड़ बन गए हैं।
वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रेम सिंह मीणा के अनुसार, प्लास्टिक गोवंश के लिए खतरनाक है। खाद्य पदार्थों को प्लास्टिक थैलियों में डालकर नहीं फेंकना चाहिए। भोजन के साथ थैलियां भी पशुओं के पेट में चली जाती हैं। उन्होंने लोगों से प्लास्टिक थैलियों का उपयोग कम करने की अपील की है।


