श्री सीताराम जी रथयात्रा 27 जून को:राजशाही जमाने से ही निकल रही रथयात्रा
वैर (कोशलेन्द्र दत्तात्रेय)
कस्वा वैर मे राजा प्रताप सिंह के राजशाही जमाने से ही भगवान् श्रीराम का रथयात्रा मेला भरता चला आ रहा है।इस बार कस्बा में 27 जून को भगवान् श्रीराम की रथयात्रा निकाली जायेगी।
भरतपुर जिला मुख्यालय से 47 किलोमीटर दूर बसे ऐतिहासिक कस्बा वैर में पारम्परिक रूप से आयोजित इस ऐतिहासिक रथयात्रा मेले में लंबे समय से चली आ रही परम्पराओं के भी दर्शन होते हैं। मेले में समाज की विभिन्न जाति, धर्म, संप्रदाय, की ऊंच-नीच की सीमा लांघकर परस्पर एकता और आत्मीयता की भावना भी पुष्ट होती है। यह मेला लोगों के मनोरंजन मन बहलाव और उनके आर्थिक विकास के साधनों के साथ-साथ धार्मिक भावना का भी स्मरण कराता है। रथयात्रा आषाढ़ शुक्ल द्वितीया को सीताराम जी मंदिर से बैंड बाजे के साथ भगवान श्रीराम के जयघोष के साथ निकाली जाती है।
भगवान सीताराम जी के रथ को दो बड़े रस्सों के सहारे भक्तजनों द्वारा खींचा जाता है यह रथयात्रा कस्बे के गोपालगंज, पुराना बाजार, चांदनी चौक, लाल चौक होते हुए जैन मंदिर गली, गद्दीपट्टी, कहार मोहल्ला, बिचपुरी पट्टी होते हुए नए बस स्टैंड तथा पुलिस थाने के सामने होते हुए डाक बंगला तिराए भुसावर गेट होते हुए बापिस सीताराम जी मंदिर शायंकाल लौटकर आती है। रथयात्रा का कस्बा में जगह-जगह पुष्पवर्षा कर, आरती उतार कर, प्रसाद चढाकर भक्तजनों द्वारा भव्य स्वागत किया जाकर भगवान श्री राम के रथ के नीचे से नवजात शिशुओं को उनकी माताओं द्वारा निकाला जाकर उनकी दीर्घायु की कामना की जाती है। भगवान श्री राम के इस रथ पर कस्वावासियों द्वारा चढ़ावा चढ़ा कर अपनी श्रद्धा का इजहार किया जाता है। रथयात्रा को देखने के लिए आसपास के गांव के लोग भी काफी संख्या में पहुंचते हैं।