रामगढ़ मे वेबसाईट के माध्यम से करोडों रूपये के ऑनलाईन सट्टा खिलाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 04 आरोपी गिरफ्तार
रामगढ़ अलवर (राधेश्याम गेरा)
अलवर जिले में ऑनलाईन ठगी, सैक्सटार्शन,ओएलएक्स आदि फ्रॉड के विरुद्ध रामगढ़ मे पुलिस ने कार्यवाही करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 01 क्रेटा, 01 स्वीफ्ट कार, 5 एन्ड्रोड मोबाईल फोन व 2 स्कैनर, 5 पेनकार्ड, 2 स्वीप मशीन,2 बैंक पासबुक, 18 एटीएम कार्ड, 6 चैक बुक सहित 71,670 रूपये बरामद किये हैं।
पुलिस अधीक्षक संजीव नैन ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में ऑनलाईन ठगी, सैक्सटार्शन,ओएलएक्स आदि फ्रॉड के विरुद्ध अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) जिला अलवर के निर्देशन में एवं सुनील प्रसाद शर्मा वृताधिकारी वृत रामगढ अलवर के सुपरविजन में डॉ विजेन्द्र सिंह पु०नि० थानाधिकारी थाना रामगढ के नेतृत्व में ऑनलाईन लूडो गेम एवं सट्टे के विरूद्ध कार्यवाही करने के मामले में 4 आरोपी वसीम पुत्र नवाब जाति मेव उम्र 24 साल निवासी पिपरोली,साकिर पुत्र मजीद जाति मेव उम्र 28 साल निवासी पिपरोली,खालिद पुत्र खुर्शीद जाति मेव उम्र 25 साल निवासी पीपरोली,राजेश पुत्र बनबारी जाति जाटव उम्र 30 साल निवासी पिपरोली पुलिस थाना रामगढ जिला अलवर को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 01 क्रेटा, 01 स्वीफ्ट कार, 5 एन्ड्रोड मोबाईल फोन व 2 स्कैनर, 5 पेनकार्ड, 2 स्वीप मशीन,2 बैंक पासबुक, 18 एटीएम कार्ड, 6 चैक बुक सहित 71,670 रूपये बरामद किये हैं।
घटना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि दिनांक 24.06.2025 को मुखबिर से सूचना मिली कि गांव पिपरोली में कुछ लोग ऑनलाईन अवैध सट्टे का काम करते हैं जिस पर रामगढ़ पुलिस थाना की गठित टीम ने दबिश देकर, वसीम, साकिर, खालिद, राजेश निवासी पिपरोली रामगढ जिला अलवर को गिरफ्तार किया गया। जो लोगों को ऑनलाईन कमाई का झांसा देकर उनसे अपने द्वारा बनाई गई फर्जी वेबसाईट पर ऑनलाईन सट्टा एवं लूडो गेम खिलाने के नाम पर उनसे ऑनलाईन रूपये डलवाकर उनके साथ ठगी करते हैं तथा ठगी से प्राप्त रूपयों को अलग-अलग बैंक खातों से जुड़े यूपीआई में डलवाते हैं तथा उस राशि को वैध बनाने के लिए उसे जीएसटी युक्त खातों में ट्रांसफर कर लेते हैं। आरोपियों द्वारा बनाई गई वेबसाईट पर प्रतिदिन बडी संख्या में सट्टा के कारण काफी संख्या में राशि एकत्रित होती है। जिसे अलग-अलग लोगों से उनके बैंक अकाउन्ट किराये पर लेकर उनमें राशि डलवाते है तथा बदले में खाता धारका को कमीशन देते हैं।
इस राशि को वैध बनाने के लिए आरोपियों द्वारा दो फर्म बनाई गई , जिनके जीएसटी युक्त खातों में पैसा ट्रांसफर कर लेते हैं। तथा उनकी लिमिट पूरी होने पर अन्य फर्मों से भी कमीशन के आधार पर जीएसटी युक्त खातों का उपयोग कर उनमें रूपये डलवा लेते हैं तथा फिर उनसे रूपये प्राप्त कर लेते है। आरोपियों द्वारा बनाई गई वेबसाईट पर लूडो एवं सट्टा खेलने से पहले उनका रजिस्ट्रेशन किया जाता है आधार कार्ड एवं उससे लिंक मोबाईल नंबर पर ओटीपी प्राप्त कर उसका सत्यापन किया जाता है ताकि कोई अवांछित व्यक्त्ति वेबसाईट का एक्ससे प्राप्त ना कर सके। रजिस्टर्ड व्यक्ति अन्य व्यक्तियों को सट्टा लगाने के लिए रैफरल लिंक भेज सकता है। किसी व्यक्ति के रैफरल लिंक के आधार पर जुडा हुआ व्यक्ति जब भी उक्त वेबसाईट पर कोई धनराशि जीतता है तो उसका दो प्रतिशत कमिशन रैफर करने वाले व्यक्ति को मिलता है। इस प्रकार यह एक चैन सिस्टम की तरह काम करता है। जब कोई व्यक्ति उक्त सट्टे में बड़ी राशि जीत जाता है तो उसे उस राशि का भुगतान नहीं किया जाता एवं बेवसाईट के एडमिन की जानकारी के अभाव में वह व्यक्ति अपने पैसे वापिस नहीं ले पाता है क्योंकि उसे फर्जी बवेसाईट के बारे में जानकारी ही नहीं होती कि यह सट्टा कौन खिला रहा है। तथा सट्टे जैसी अवैध गतिविधि में संलिप्ता के कारण पुलिस से शिकयत भी नही कर पाता है। आरोपियों द्वारा संगठित अपराध के रूप में किये जा रहे ऑनलाईन सट्टे से प्रतिदिन भारी मात्रा में राशि का ट्रांजेक्शन होता है।
दिनांक 24.06.2025 को ही इस वेबसाईट पर समय 9.18 PM तक 29,15,865 रूपयों का ट्रांजेक्शन होना पाया गया है। घटना में जप्त दोनों वाहन को भी इस अवैध कार्य से प्राप्त धन राशि से खरीदना बताया गया है। इस वेबसाईट और आरोपियों के खातों की जांच की जा रही है । साथ ही घटना में सम्मिलित अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। घटना के संबंध में भारतीय न्याय संहिता, राजस्थान जुआ अध्यादेश, आई०टी० एक्ट की धाराओं में प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान किया जा रहा है।