"अलवर की पहचान आत्मनिर्भर दिव्यांग" के तहत लगा दिव्यांगों के लिए गोविंदगढ़ में दो दिवसीय विशेष शिविर
गोविन्दगढ़,अलवर
गोविन्दगढ़ कस्बे स्थित पंचायत समिति परिसर में बुधवार को दो दिवसीय दिव्यांगजनों के लिए विशेष शिविर का आयोजन किया गया। जिसकी थीम "अलवर की पहचान आत्मनिर्भर दिव्यांग" रखी गई। यह शिविर विशेष योग्यजनो के सशक्तिकरण एवं कल्याण हेतु उनकी आवश्यकता एवं पात्रता अनुसार क्रत्रिम अंक सहायक उपकरण हेतु चिन्हित कर उपलब्ध करवाने के उद्देश्य लगाए जा रहे है।
उपखंड अधिकारी सुभाष यादव की अध्यक्षता में आयोजित शिविर में 100 से अधिक दिव्यांगजन पहुंचे। वरिष्ठ मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. नरेन्द्र सिन्डोलिया ने बताया कि अधिकतर मरीज मेंटल डिसेबिलिटी, लोकोमोटिव डिसेबिलिटी, ईएनटी और नेत्र रोग से संबंधित थे। उनकी हमने पहचान की है उन्हें सर्टिफिकेट जारी किए हैं। उनको आने वाले समय में जो एलिजिबल कैंडिडेट हैं उनको सरकार की तरफ से समाज कल्याण विभाग के द्वारा ऐसे उपकरण दिए जाएंगे । जिनसे समाज के मुख्य धारा में आकर वह डेली रूटीन के कार्य कर सकेंगे। साथ ही सरकार के द्वारा डिसेबिलिटी की गाइडलाइन समय-समय पर बदलती रहती है। सरकार के द्वारा अब डिजिटल कार्ड जारी किए जा रहे हैं । जिनसे दिव्यांगों का डाटा ऑनलाइन हो रहा है।
शिविर में मेडिकल टीम ने 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले लोगों को प्रमाण-पत्र जारी किए। राज्य सरकार के नियमों के अनुसार, नौकरियों और सामाजिक सुरक्षा सहायता के लिए 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता होना आवश्यक है।
बीसीएमएचओ डॉ. रुपेंद्र शर्मा और अलवर से आई हुई मेडिकल टीम डॉ नरेन्द्र सिन्डोलिया वरिष्ठ मनोरोग विशेषज्ञ ,डॉ अरुण मित्तल नाक कान गला रोग विशेषज्ञ, डॉ सुनील खण्डेलवाल नेत्र रोग विशेषज्ञ, डॉ रजत गोयल हडडी रोग विशेषज्ञ, डॉ राकेश टुटेजा MD फिजिशियन
ने दिव्यांगजनों को 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता के प्रमाण-पत्र जारी किए। इसके साथ ही कुछ लोग 40 प्रतिशत से कम दिव्यांगता के कारण अपात्र पाए गए।
उपखंड अधिकारी सुभाष यादव ,प्रधान गोपाल चौधरी, ब्लॉक सामाजिक सुरक्षा अधिकारी कुलदीप शर्मा शिविर के प्रभारी रहे। शिविर में चिकित्सा विभाग, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, रोडवेज और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।