सफाई पर हर माह 33 लाख खर्च, 180 कर्मी फिर भी रविवार को सफाई नहीं
खैरथल (हीरालाल भूरानी) खैरथल में रविवार को सफाई नहीं होने से कस्बे में जगह-जगह कचरे के ढेर नजर आते है। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं दुर्गंध के कारण लोगों का जीना दुभर हो गया है। नगर परिषद ने शहर को चार जोन में बांटकर सफाई का जिम्मा बांटा है। पहले जोन में वार्ड 1 से 10 तक 50 सरकारी सफाईकर्मी तैनात हैं। इनमें से रोजाना केवल 20 से 25 ही काम पर आते हैं। बाकी तीन जोन में सफाई का कार्य ठेके पर दिया गया है। वार्ड 11 से 18 तक 40 सफाईकर्मी, वार्ड 19 से 27 तक 50 सफाईकर्मी और वार्ड 28 से 35 तक 40 सफाईकर्मी ठेके पर काम कर रहे हैं। ठेके पर सफाई का खर्च हर माह करीब 18 लाख रुपए आता है। वहीं, 50 सरकारी सफाईकर्मियों का वेतन करीब 15 लाख रुपए प्रति माह है। इसके बावजूद रविवार को सफाई नहीं होती। इससे मुख्य बाजार और कॉलोनियों में कचरे के ढेर लग जाते हैं। नगर परिषद के पास 5 ट्रैक्टर कचरा उठाने के लिए हैं। 9 ऑटो टिपर घर-घर जाकर कचरा संग्रह करते हैं। रविवार को ये वाहन भी नहीं चलते।