ढहरींन गांव में श्रीमद्भागवत कथा में उमड़ा जनसैलाब; कृष्ण-रुक्मणी विवाह की जीवंत झांकियों ने मोहा श्रद्धालुओं का मन
कठूमर (दिनेश लेखी): उपखंड क्षेत्र के प्रसिद्ध तीर्थस्थल श्री दाँतवाड़ धाम के निकटवर्ती गांव ढहरींन में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में रविवार को श्रद्धा, आस्था और भक्ति का त्रिवेणी संगम देखने को मिला। कथा के छठे दिन बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं की भीड़ से पूरा पंडाल भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गया।
कथा व्यास सुश्री प्रेमलता साध्वी ने भगवान श्रीकृष्ण की मनमोहक बाल लीलाओं का अत्यंत भावपूर्ण और सजीव वर्णन किया, जिसे सुनकर उपस्थित श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए। कथा के विशेष प्रसंग के दौरान श्रीकृष्ण-रुक्मणी विवाह का प्रसंग आते ही पूरा पांडल "नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की" के जयकारों से गूंज उठा। इस अवसर पर विधि-विधान से विवाह उत्सव संपन्न कराया गया और भगवान श्रीकृष्ण व माता रुक्मणी की बेहद आकर्षक व मनोहारी झांकियां सजाई गईं। मधुर भजनों और सजीव झांकियों पर श्रद्धालु खुद को झूमने और थिरकने से नहीं रोक पाए।
- भागवत कथा मानव जीवन को देती है सकारात्मक दिशा: साध्वी प्रेमलता
कथा वाचक साध्वी प्रेमलता ने श्रीमद्भागवत महापुराण के श्रवण की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भागवत कथा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मानव जीवन को कल्याण और सकारात्मकता की सही दिशा देने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि कथा के श्रवण से मनुष्य के भीतर धर्म के प्रति अगाध आस्था का संचार होता है और इससे समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव तथा भाईचारे की भावना सुदृढ़ होती है।
- 19 मई को होगा विशाल भंडारा
आयोजन समिति से जुड़े नवीन कुमार सैनी ने कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ बीते 12 मई को हुआ था, जिसका समापन 18 मई को होगा। इसके अगले दिन, यानी 19 मई को यज्ञ की पूर्णाहुति दी जाएगी और एक विशाल भंडारे (महाप्रसाद) का आयोजन किया जाएगा, जिसमें कठूमर उपखंड सहित पूरे क्षेत्र से हजारों की संख्या में श्रद्धालु प्रसादी ग्रहण करने पहुंचेंगे।
समारोह में ढहरींन गांव सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों से आए गणमान्य नागरिक, महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में उपस्थित रहकर धर्म लाभ ले रहे हैं।


