हाल-ए-सरकारी स्कूल :स्कूल की छत का गिरा प्लास्टर , बाल-बाल बचे छात्र, ग्रामीणों ने जताया गुस्सा
उदयपुर।(मुकेश मेनारिया) जिले के वल्लभनगर उपखण्ड के बाठरडा खुर्द ग्राम पंचायत के ढाणी स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया जब आठवीं कक्षा में पढ़ाई के दौरान स्कूल की छत का अचानक प्लास्टर भरभराकर नीचे गिरने लगा। गनीमत रही कि इस घटना में कोई बच्चा या शिक्षक घायल नहीं हुआ और वहा मौजूद शिक्षको ने बच्चों को बाहर निकाला। बता दें की 7 दिन पूर्व ही सर्वे के लिए अधिकारी सर्वे करके गए हैं। लेकिन यह हादसा स्कूल भवन की खस्ताहाली और शिक्षा विभाग की गंभीर लापरवाही को सामने लाने वाला बन गया।
बता दें कि वल्लभनगर क्षेत्र के रूपावली गांव के सरकारी स्कूल में भी एक बड़ा हादसा टल गया था। वहां भी जर्जर भवन का एक हिस्सा ढह गया था। सौभाग्य से रविवार की छुट्टी होने के कारण स्कूल में बच्चे मौजूद नहीं थे, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। इससे पहले राजस्थान के ही झालावाड़ जिले में हुए हादसे में सरकारी स्कूल की छत गिरने से कई मासूम बच्चों की जान चली गई थी। इन घटनाओं से राजस्थान के शिक्षा विभाग की लापरवाही साफ उजागर हो रही है। लगातार हो रही ऐसी घटनाएं सरकारी स्कूलों की खस्ताहाल स्थिति और मरम्मत के नाम पर हो रही अनदेखी को सामने ला रही हैं।
पहले भी दी गई थी चेतावनी
विद्यालय में चार कक्षा कक्ष है। एक प्रधानाध्यापक कार्यालय और रसोई घर है। यह स्कूल भवन तो वर्ष 1999 में निर्मित हुआ था लेकिन जिस कक्ष का प्लास्टर गिरा वह 2008 में बनाया गया और अब यह लगभग 17 वर्ष पुराना हो चुका है। विद्यालय में वर्तमान में कक्षा पहली से आठवीं के छात्र अध्ययनरत हैं। विद्यालय के प्रधानाध्यापक कालूलाल मेघवाल ने बताया कि भवन में दरारें और छत की खराब स्थिति को लेकर विभागीय अधिकारियों और पंचायत को लिखित में अवगत कराया गया था। शिक्षक की चेतावनी के बावजूद न तो मरम्मत कार्य कराया गया और न ही नए भवन के निर्माण के लिए कोई प्रयास हुआ।
घटना को लेकर बच्चों में दहशत, अभिभावकों में आक्रोश
घटना के समय कक्षा में पढ़ाई चल रही थी और अचानक छत का प्लास्टर गिरने से बच्चों में दहशत फैल गई। कई बच्चों के अभिभावकों ने घटना के बाद स्कूल पहुंचकर नाराजगी जताई और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की। बुधवार को प्रधानाध्यापक ने एस एम सी सदस्यों को बुलाकर बैठक में विद्यालय भवन की स्थिति के बारे में बताया गया जिसमे सभी ने जब तक विद्यालय भवन की मरम्मत या नया निर्माण हो तब तक कल्लाजी बावजी मन्दिर में छात्रों का अध्यापन करवाया जाए। बैठक में ऊंकार लाल रेबारी, रमेश चंद्र, भेरूलाल,रामलाल, रतनलाल, राजमल, नारायण सहित ग्रामीण उपस्थित रहें।

