भंवर सिंह पलाड़ा ने दिल दिया है जान भी देंगे गुनगुना कर सबका दिल जीता
स्वतंत्रता दिवस के 79 वें वर्ष में इल्मस का 79 वां संगीतमय सफ़र / छठा देशभक्ति कार्यक्रम
खैरथल (हीरालाल भूरानी) स्वतंत्रता दिवस के 79 वें वर्ष में जब पूरे देश में आज़ादी का जश्न मनाया जा रहा है, तब इंडिया इंटरनेशनल म्यूजिक लवर्स सोसायटी (इल्मस) ने अजमेर की धरा पर देशभक्ति गीतों और सुरों से ओतप्रोत एक यादगार संध्या का आयोजन किया। “मिले सुर मेरा तुम्हारा” के 79 वें संगीतमय सफ़र के अंतर्गत आयोजित छठा देशभक्ति सांस्कृतिक कार्यक्रम “आज़ादी के तराने” शास्त्री नगर रोड स्थित एक होटल में भव्यता और देशभक्ति के उल्लास के बीच संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश और माता सरस्वती के वंदन के साथ वंदे मातरम् और भारत माता की जय के उद्घोष से हुआ। पूरे वातावरण में तिरंगे का रंग, सुरों की गूंज और देशभक्ति का ज्वार एक साथ उमड़ पड़ा। मुख्य अतिथि के रूप में राजस्थान खो-खो संघ के उपाध्यक्ष एवं समाजसेवी शिव भक्त भंवर सिंह पलाड़ा मंच पर विराजमान रहे। जब उन्होंने हाथ में तिरंगा झंडा लहरा कर “दिल दिया है जान भी देंगे ए वतन तेरे लिए” गीत गुनगुनाना शुरू किया तो पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा । सदस्यों ने खड़े होकर झंडों की लहराहट और फूलों की वर्षा से उनका अभिवादन किया। यह दृश्य भावनात्मक और प्रेरणादायक था ।
भंवर सिंह पलाड़ा ने अपने उद्बोधन में संस्था की सेवाभावना और सकारात्मक उद्देश्यों की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि “संगीत केवल मनोरंजन का माध्यम और साधन नहीं है । यह स्वस्थ जीवन जीने का उपचार है। संस्था अपने वरिष्ठ और अनुभवी सदस्यों के माध्यम से कैंसर, हृदय रोग, मानसिक अवसाद और अन्य गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों को संगीत थेरेपी द्वारा नई ऊर्जा और जीवन जीने की प्रेरणा दे रही है।” उन्होंने डॉ. लाल थदानी, रश्मि मिश्रा, कुंज बिहारी लाल, सरवर खान, वर्षा निहालानी, गिरीश गुप्ता और रानी चौधरी का नाम विशेष रूप से लेते हुए कहा कि विषम परिस्थितियों और जटिल स्वास्थ्य के बावजूद ये सभी अपने कार्यों, सेवा और समर्पण से समाज के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि संस्था वृद्धाश्रमों में बुजुर्गों, दृष्टिबाधित और विकलांग बच्चों, निराश्रित परिवारों, गौशालाओं और मूक प्राणियों की सेवा में जो योगदान दे रही है, वह समाज के लिए अनुकरणीय है। पलाड़ा ने सभी सदस्यों को धन्यवाद देते हुए कहा कि आप सब लोग उच्च पदों और व्यस्तताओं के बावजूद गायकी और सेवा को साथ लेकर चल रहे हैं, यही इस संस्था की सच्ची ताकत है।
देशभक्ति गीतों की प्रस्तुतियों ने संध्या को अविस्मरणीय बना दिया। “मेरे देश की धरती”, “यह देश है वीर जवानों का”, “आई लव माय इंडिया”, “भारत का रहने वाला हूं”, “संदेशे आते हैं”, “ए मेरे प्यारे वतन”, “दिल दिया है जान भी देंगे” जैसे गीतों की गूंज से पूरा हॉल गर्व और देशप्रेम से भर गया। रानी चौधरी और अन्य महिला सदस्यों ने तिरंगे झंडों के साथ आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया जिसने समारोह को और भी जीवंत और रोचक बना दिया।
इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष गणेश चौधरी, उपाध्यक्ष डॉ. दीपा थदानी और गोपेंद्र सिंह राठौड़, निदेशक कुंज बिहारी लाल, महासचिव अशोक दरियानानी, तथा सक्रिय सदस्य रश्मि मिश्रा, ऊषा मित्तल, चंदन सिंह भाटी, अनिल जैन, नीरज आर्य, रविंद्र जोधावत, नीरज वंदना मिश्रा, अब्दुल सलाम कुरैशी, शरद शर्मा, मोहन मिश्रा, कुमकुम जैन, आलोक वर्मा, डॉ. सुमन कविया, डॉ. अलका अग्रवाल, डॉ. विकास सक्सेना, डॉ. एसएन भट्ट, श्याम पारीक, मीना खियालानी, दिनेश पंवार, दीपक भार्गव, लक्ष्मण हरजानी और नरेंद्र यादव ने अपनी-अपनी प्रस्तुतियों से सभी का दिल जीत लिया। गीतों, तालियों और झंडों की इस संगति ने पूरे माहौल को देशभक्ति से ओतप्रोत कर दिया।
संस्था की ओर से मुख्य अतिथि भंवर सिंह पलाड़ा को मोतियों की माला, दुपट्टा और शॉल ओढ़ाकर अभिनंदन किया गया। इस सम्मान के दौरान भी हॉल तालियों से गूंजता रहा। मंच संचालन करुणा टंडन ने अपने जोशीले और ऊर्जावान अंदाज में किया ।
“आज़ादी के तराने” देश भक्ति कार्यक्रम ने उपस्थित हर श्रोता के दिल में यह संदेश छोड़ दिया कि – दिल दिया है, जान भी देंगे, ऐ वतन तेरे लिए…